जोरहाट एएन-32 हादसे पर बोले प्रफुल्ल बख्शी, दुर्घटना की असली वजह जांच से सामने आएगी

जोरहाट एएन-32 हादसे पर बोले प्रफुल्ल बख्शी, दुर्घटना की असली वजह जांच से सामने आएगी
असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के एएन-32 परिवहन विमान हादसे के बाद दुर्घटना के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस बीच रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल्ल बख्शी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए संभावित कारणों और जांच के अहम पहलुओं पर प्रकाश डाला है।

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के एएन-32 परिवहन विमान हादसे के बाद दुर्घटना के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस बीच रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल्ल बख्शी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए संभावित कारणों और जांच के अहम पहलुओं पर प्रकाश डाला है।

प्रफुल्ल बख्शी ने कहा कि शुरुआती तौर पर यह संभावना हो सकती है कि विमान के उतरने के दौरान उसका टायर फट गया हो, जिसके कारण विमान रनवे से बाहर चला गया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल टायर फटने से विमान का इतने ज्यादा हिस्सों में टूट जाना सामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विमान रनवे से उतरकर किसी गड्ढे में चला गया था या फिर उसमें ईंधन अथवा कार्गो से जुड़ा कोई अचानक विस्फोट हुआ था। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह भी जानकारी नहीं है कि विमान किस प्रकार का सामान लेकर जा रहा था।

रक्षा विशेषज्ञ ने एएन-32 विमान की भूमिका पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के 'वर्कहॉर्स' यानी सबसे भरोसेमंद और लगातार उपयोग में आने वाले विमानों में एएन-32 प्रमुख स्थान रखता है। यह विमान विभिन्न मौसम परिस्थितियों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लगातार उड़ान भरने के लिए जाना जाता है। इसका मुख्य उपयोग लॉजिस्टिक्स और परिवहन कार्यों के लिए किया जाता है। यह अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिकों तक जरूरी सामान पहुंचाने, पैराड्रॉपिंग करने और छोटी रनवे पर उतरने जैसे महत्वपूर्ण मिशनों को अंजाम देता है।

हादसे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की जवाबदेही को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रफुल्ल बख्शी ने कहा कि जांच एजेंसियों को सबसे पहले यह जानना चाहिए कि दुर्घटना से पहले विमान और एटीसी के बीच आखिरी बातचीत क्या हुई थी? उन्होंने कहा कि दुनिया भर में यह सामान्य प्रथा है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल शुरुआती चरण में अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं करता, क्योंकि उसे नहीं पता होता कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी। कई बार बातचीत गोपनीय होती है और जांच पूरी होने तक सभी तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जाता।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना की वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

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Created On :   13 Jun 2026 11:37 PM IST

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