पाक‍िस्‍तान को भारी न पड़ जाए 'सऊदी प्रेम', इधर कुआं-उधर खाई वाले संकट में फंसे शहबाज

पाक‍िस्‍तान को भारी न पड़ जाए सऊदी प्रेम, इधर कुआं-उधर खाई वाले संकट में फंसे शहबाज
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों की निंदा करना पाक‍िस्‍तान के लिए दोहरी चुनौती बन सकता है। सऊदी अरब के समर्थन में पाक‍िस्‍तान की बयानबाजी कहीं उसी को न भारी न पड़ जाए। पाक‍िस्‍तान का सऊदी अरब का समर्थन करना अगर ईरान को नागवार गुजरा तो शहबाज शरीफ के ल‍िए इधर कुआं और उधर खाई वाले हालात तय हैं।

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों की निंदा करना पाक‍िस्‍तान के लिए दोहरी चुनौती बन सकता है। सऊदी अरब के समर्थन में पाक‍िस्‍तान की बयानबाजी कहीं उसी को न भारी न पड़ जाए। पाक‍िस्‍तान का सऊदी अरब का समर्थन करना अगर ईरान को नागवार गुजरा तो शहबाज शरीफ के ल‍िए इधर कुआं और उधर खाई वाले हालात तय हैं।

दरअसल, पाक‍िस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के साथ 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' के तहत हूती समूहों के हमलों की कड़ी आलोचना की है। वहीं, पाक‍िस्‍तान यह भी दावा करता है क‍ि ईरान के साथ उसके संबंध अच्‍छे हैं और अमेर‍िका से भी। ऐसे में पाक‍िस्‍तान का सऊदी अरब को समर्थन करना अमेर‍िका को तो खुश कर सकता है, लेक‍िन ईरान को नहीं।

ईरान पर पहले से ही हूती समूहों को समर्थन करने के आरोप लगते रहे हैं। ईरान खुद भी अमेरिका से जारी जंग के बीच कई बार अमेर‍िकी सैन्‍य ठ‍िकानों को न‍िशाना बनाते हुए सऊदी अरब पर हमले करता रहा है। ऐसे में यह बयानबाजी पाक‍िस्‍तान को ही भारी पड़ सकती है, क्‍योंक‍ि एक को खुश करने में दूसरा तो नाराज होगा ही, या तो अमेर‍िका या फि‍र ईरान।

इस समय सऊदी अरब में हूती व‍िद्रोह‍ियों के हमलों का वैश्विक व‍िरोध हो रहा है। ऐसे में पाक‍िस्‍तान ने भी सऊदी अरब के समर्थन में हूती व‍िद्रोह‍ियों के हमलों के व‍िरोध में बयानबाजी शुरू कर दी है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''मैं सऊदी अरब के खिलाफ हूती व‍िद्रोह‍ियों की ओर से किए जा रहे बार-बार के हमलों की कड़ी निंदा करता हूं। इनमें रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया, जिसके कारण लोगों की जान गई और कई नागरिक घायल हुए।"

उन्‍होंने पोस्‍ट में आगे ल‍िखा, ''मैं सऊदी सशस्त्र बलों और गठबंधन की सतर्कता तथा पेशेवर क्षमता की सराहना करता हूं, जिन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही नष्ट कर दिया। निर्दोष लोगों की जान बचाने और सऊदी अरब की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके निरंतर प्रयास प्रशंसनीय हैं।''

प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा, ''पाकिस्तान, सऊदी अरब के नेतृत्व और वहां की जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। मक्का संयुक्त रक्षा समझौते और इसकी रणनीतिक राजनीतिक एवं रक्षा समिति के हालिया निर्णयों के अनुरूप, सऊदी अरब की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है। हम अपने लोगों, शहरों और महत्वपूर्ण ढांचों की रक्षा के सऊदी अरब के वैध अधिकार का भी पूरा समर्थन करते हैं। हूती व‍िद्रोह‍ियों को तुरंत इन हमलों को बंद करना चाहिए। इन खतरों का सामना करने में हम सऊदी अरब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।''

शहबाज शरीफ की यह बयानबाजी पाक‍िस्‍तान के लिए दोहरी चुनौती बन सकती है। एक तरफ सऊदी के साथ उसका 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' है, तो दूसरी तरफ ईरान और सऊदी की दुश्‍मनी। ऐसे में पाकिस्तान का सऊदी पक्ष लेना अमेरिका को तो खुश कर सकता है, लेकिन ईरान की नाराजगी शहबाज शरीफ सरकार के लिए 'इधर कुआं, उधर खाई' जैसे हालात पैदा कर सकती है।

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Created On :   9 Oct 2026 3:13 PM IST

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