मणिपुर ब्लास्ट मामला दोषियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए सैन्य अभियान शुरू, एनआईए करेगी जांच

मणिपुर ब्लास्ट मामला  दोषियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए सैन्य अभियान शुरू, एनआईए करेगी जांच
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने ट्रोंगलाओबी में हुए बम हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में मंगलवार तड़के दो छोटे बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गईं। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का फैसला किया है।

इंफाल, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने ट्रोंगलाओबी में हुए बम हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में मंगलवार तड़के दो छोटे बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गईं। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का फैसला किया है।

अपने सरकारी बंगले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम खेमचंद सिंह ने कहा कि यह घटना राज्य में शांति भंग करने वाले तत्वों का काम है। उन्होंने कहा, "जो लोग राज्य में वापस लौट रही शांति को बिगाड़ना चाहते हैं, वे ऐसी घटनाएं कर रहे हैं। हम इन्हें बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

मुख्यमंत्री ने बताया कि गृह मंत्री और अन्य विधायकों से चर्चा के बाद एनआईए को केस सौंपने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों की अभी पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन एक बड़ा तलाशी अभियान (कॉम्बिंग ऑपरेशन) चलाया जा रहा है। राज्य पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ के संयुक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से भी इलाके की तलाश की जा रही है।

सीएम ने कहा, "दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा। हमने सेना, असम राइफल्स, राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के साथ उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की है। सभी को अभियान तेज करने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।"

जनता से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से शांत रहने और भावनाओं में बहने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा बलों के अभियानों में सहयोग करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करें।

गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह ने कहा कि कुछ तत्व जब भी स्थिति सामान्य होने लगती है, तो शांति भंग करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा बैठक में ट्रोंगलाओबी धमाके के दोषियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय बाद पहाड़ी इलाकों में राज्य के कमांडो बलों को फिर से तैनात किया गया है और बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने इंफाल के राज मेडिसिटी अस्पताल पहुंचकर घायल मां से मुलाकात की और उनके परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। सीएम खेमचंद सिंह ने अकामपत राहत शिविर में रह रही एक नाबालिग लड़की की हालिया मौत पर भी दुख जताया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए अनुग्रह राशि देने और हर तरह की सहायता देने की घोषणा की। शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई में मंगलवार तड़के करीब 1 बजे यह घटना हुई। संदिग्ध उग्रवादियों ने घर पर बम (रॉकेट या मोर्टार शेल) दागा, जिसमें 5 साल के एक लड़के और 5-6 महीने की एक बच्ची की मौके पर मौत हो गई। उनकी मां गंभीर रूप से घायल हैं।

यह इलाका 2023-24 की जातीय हिंसा के दौरान गोलीबारी का केंद्र रहा है। स्थानीय लोगों में गुस्सा है और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सुरक्षा बलों ने इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

मणिपुर सरकार ने शांति बनाए रखने और दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है। आगे की जांच एनआईए करेगी।

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Created On :   7 April 2026 7:11 PM IST

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