मथुरा प्रेमानंद आश्रम में कथित घटनाओं को लेकर सीबीआई जांच की मांग, संतों ने उठाए गंभीर सवाल
मथुरा, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी और जूना अखाड़े के राधानंद गिरि ने प्रेमानंद आश्रम से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों ने आश्रम के शिष्य शरण दुलारी महाराज की मौत सहित अन्य कथित घटनाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने नाबालिग बच्चों के आश्रम में होने और कुछ बच्चों के परिजनों द्वारा उन्हें तलाशने के दावों की भी जांच की मांग उठाई।
राधानंद गिरि ने आरोप लगाया कि आश्रम में लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने एक संत की मौत का जिक्र करते हुए घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। उनका कहा कि संत को कथित तौर पर चौथी मंजिल से नीचे फेंका गया। घटना की परिस्थितियों की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि उपलब्ध जानकारी सामान्य हादसे से अलग सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोपों की पुष्टि के लिए जांच की जरूरत पर जोर दिया।
राधानंद गिरि ने एक बच्चे के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बच्चे के पिता करीब तीन महीने से आश्रम के बाहर बैठकर अपने बेटे से मिलने की गुहार लगा रहे हैं। बच्चा परिवार का इकलौता बेटा है और उसकी चार बहनें हैं। यदि कोई बच्चा अपनी इच्छा से आश्रम में रह रहा है, तब भी उसके ठिकाने और स्थिति की जानकारी उसके परिवार को होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच कर बच्चे को उसके माता-पिता के सामने पेश किया जाए।
वहीं, दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया कि आश्रम से जुड़े क्षेत्र में काफी समय से कथित तौर पर गड़बड़ियां चल रही हैं। उन्होंने साधुओं की मौत और बच्चों के गायब होने के दावों की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चे कृष्ण भक्ति के लिए आश्रमों में आते हैं और ऐसे मामलों में उनके माता-पिता को जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आश्रम से जुड़े विवादों के कारण संत प्रेमानंद महाराज भी कथित तौर पर क्षेत्र से दूर चले गए। दिनेश फलाहारी ने आश्रमों पर कथित कब्जे और बच्चों के परिजनों को दबाव डालकर हटाए जाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
दिनेश फलाहारी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। साथ ही बाल आयोग से भी कथित तौर पर आश्रमों में रहने वाले नाबालिग बच्चों की स्थिति की जांच करने और उन्हें उनके माता-पिता तक पहुंचाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जिस संत की मौत का मामला सामने आया है, उसकी परिस्थितियों की भी विस्तृत जांच जरूरी है। उन्होंने घटना से पहले संत के कथित भय और उनके साथ हुई प्रताड़ना के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए।
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Created On :   3 Oct 2026 7:50 PM IST












