मौलाना रजवी ने इंडिया ब्लॉक की रैली पर जताई निराशा, बोले- व्यापारियों को भारी नुकसान, अपील हुई अनसुनी

बरेली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब में नशामुक्ति अभियान का समर्थन किया और कहा कि ये सिर्फ प्रदेश ही नहीं, देश के लिए बहुत जरूरी है। वहीं रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है, लेकिन कांग्रेस ने त्योहार सीजन में रैली टालने की व्यापारियों की अपील अनसुनी कर दी, जिससे हजारों करोड़ के नुकसान की आशंका है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा, "भारत के गृह मंत्री ने पंजाब में नशामुक्ति का एक अभियान चला रखा है और यह बहुत जरूरी भी है। इसलिए क्योंकि किसी भी परिवार में अगर कोई बच्चा या नौजवान नशा करने लगता है, तो पूरा परिवार प्रभावित हो जाता है और खुद उसकी सेहत पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है।"
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान हर व्यक्ति को चलाना चाहिए। अपने परिवार में, अपने रिश्तेदारों में, अपने पड़ोस में इस बात की मुहिम चलाएं और लोगों को समझाएं, खास तौर पर नौजवानों को, कि नशा न करें। नशे को तिलांजलि दें। इससे जिंदगी बर्बाद होती है, सेहत भी खराब होती है। यह एक ऐसी बुराई है जो सबसे ज्यादा पंजाब में देखने को मिल रही है। मैं सभी लोगों से अपील करूंगा कि नशा छोड़ें और अपने प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को नशामुक्त बनाने में सहयोग करें।
रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की रैली रामलीला ग्राउंड, दिल्ली में होने जा रही है। विरोध करना, धरना-प्रदर्शन करना, यह भारत में हर व्यक्ति और हर राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। मगर इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आम जनता का नुकसान न हो।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से गुहार लगाई कि आप अपनी रैली कुछ दिनों के लिए टाल दीजिए, क्योंकि त्योहारों का समय है और इससे हमारा हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होगा। मगर कांग्रेस और इंडिया अलायंस के नेतृत्व ने उनकी बात को अनसुना कर दिया, उस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया और रैली होने जा रही है। अब इससे कितना नुकसान होगा, इसकी भरपाई कौन करेगा? व्यापारी साल भर त्योहारों का इंतजार करते हैं कि बाहर से खरीदार आएंगे, उनका स्टॉक बिकेगा, कुछ आमदनी होगी और परिवार का पालन-पोषण होगा। लेकिन इन तमाम उम्मीदों पर इंडिया अलायंस ने पानी फेर दिया।
मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा कि अब हजारों करोड़ रुपये के नुकसान की जो बात कही जा रही है, उसकी भरपाई कौन करेगा? कौन-सा व्यक्ति या कौन-सी पार्टी इसकी जिम्मेदारी लेगी? कोई नहीं। व्यापारियों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से शादी की। इसे लेकर उन्होंने कहा कि इस्लाम में शादी-विवाह यानी निकाह के लिए कुछ उसूल और शर्तें निर्धारित की गई हैं। उनमें से एक यह है कि लड़का और लड़की दोनों का मुसलमान होना जरूरी माना जाता है। यदि उनमें से कोई एक मुसलमान नहीं है, तो निकाह नहीं हो सकता। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला साहब मुसलमान हैं और निधि राजदान गैर-मुस्लिम हैं। इसलिए किसी मुसलमान का गैर-मुस्लिम के साथ निकाह नहीं हो सकता। यदि इस प्रकार की शादी होती है, तो इस्लामी दृष्टिकोण के अनुसार उसे निकाह नहीं माना जाएगा, बल्कि वह विवाह नाजायज माना जाएगा।
मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा कि यदि निधि राजदान इस्लाम स्वीकार कर लेतीं और उसके बाद उमर अब्दुल्ला के साथ निकाह होता, तो उसे जायज करार दिया जा सकता था, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ है। जब ऐसा नहीं हुआ है, तो फिर इस दृष्टिकोण के अनुसार यह निकाह नाजायज माना जाएगा।
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