मेधावी छात्रों के सम्मान समारोह में बोले सम्राट चौधरी- जन्मभूमि और कर्मभूमि को बेहतर बनाना हम सभी का दायित्व
पटना, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2026 की टॉपर सूची में स्थान हासिल करने वाले 168 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। लोक सेवक आवास में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मेडल, प्रशस्ति पत्र और सांकेतिक चेक प्रदान किए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि आज सम्मानित किए गए सभी 168 विद्यार्थी उनके लिए टॉपर हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता परिश्रम, प्रतिभा और लगन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान परीक्षा परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद किया जाना चाहिए। अगले वर्ष से टॉपर्स सम्मान समारोह परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक महीने के भीतर आयोजित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए समय पर प्रोत्साहन मिल सके।
इंटरमीडिएट और मैट्रिक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दो लाख रुपए, द्वितीय स्थान वालों को डेढ़ लाख रुपए और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। इंटरमीडिएट में चौथे और पांचवें स्थान तथा मैट्रिक में चौथे से दसवें स्थान तक आने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कार राशि प्रदान की गई। सभी सम्मानित विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए अतिरिक्त 51 हजार रुपए की राशि दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का इतिहास ज्ञान और शिक्षा की समृद्ध परंपरा से जुड़ा रहा है। नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालय बिहार की गौरवशाली पहचान रहे हैं। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को पुन: स्थापित किया गया है और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए भी 15 जुलाई को 200 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। राज्य के गौरवशाली शैक्षणिक अतीत को आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और लाइव ट्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों के समाधान के लिए ‘सहयोग पोर्टल’ भी संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने युवाओं से नौकरी लेने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए अब तक एक हजार उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य से 38 प्रतिशत कम वर्षापात के बावजूद राज्य में बाढ़ की चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार में हर वर्ष बाढ़ की समस्या सामने आती है, इसलिए केवल राहत और बचाव तक सीमित रहने के बजाय इसके स्थायी समाधान की दिशा में काम करना होगा। जल-चक्र और प्राकृतिक जल प्रवाह तंत्र को बेहतर बनाने के लिए दीर्घकालिक कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बिहार के विकास में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा, “अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि को बेहतर एवं सुदृढ़ बनाना हम सभी का दायित्व है।” उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर रहकर अच्छा कर रहे लोग अपनी कर्मभूमि के साथ जन्मभूमि को भी बेहतर बनाने में योगदान दें।
सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ प्रीति भोज में हिस्सा लिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आत्मीय बातचीत कर उनकी भविष्य की योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी ली। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी संबोधित किया।
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Created On :   9 Sept 2026 6:30 PM IST












