माइंडफुल योगा ऐसे करें अपने सेशन का समापन, अभ्यास के बाद ध्यान और प्रार्थना है जरूरी

माइंडफुल योगा  ऐसे करें अपने सेशन का समापन, अभ्यास के बाद ध्यान और प्रार्थना है जरूरी
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद के लिए थोड़ा समय निकालना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां और लगातार भागते विचारों के बीच मन को शांत रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में योग न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि मानसिक सुकून भी देता है। हालांकि, योग का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब आप अपने सेशन का समापन भी सही तरीके से करते हैं।

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद के लिए थोड़ा समय निकालना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां और लगातार भागते विचारों के बीच मन को शांत रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में योग न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि मानसिक सुकून भी देता है। हालांकि, योग का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब आप अपने सेशन का समापन भी सही तरीके से करते हैं।

आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि योग अभ्यास की शुरुआत से लेकर उसके समापन तक हर छोटी बात का ध्यान रखना चाहिए। माइंडफुल योगा का मतलब सिर्फ अलग-अलग आसन करना नहीं है, बल्कि हर अभ्यास को पूरी जागरूकता और धैर्य के साथ करना है। योग सेशन का सबसे जरूरी हिस्सा उसका शांतिपूर्ण समापन है।

अगर आप रोजाना सुबह योग करते हैं, तो अभ्यास खत्म होते ही नहाने के लिए बाथरूम की तरफ न भागें। आयुष मंत्रालय की सलाह है कि योग सेशन पूरा होने के बाद नहाने के लिए करीब 25 से 30 मिनट का अंतर रखें। दरअसल, योग के दौरान शरीर सक्रिय रहता है और सांसों की गति में भी बदलाव होता है। ऐसे में अभ्यास के तुरंत बाद शरीर को थोड़ा आराम देना बेहतर होता है।

योग करने के तुरंत बाद खाना खाने से भी बचना चाहिए। आयुष मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास पूरा होने के बाद भोजन करने से पहले लगभग 15 से 30 मिनट का इंतजार करना चाहिए। इसके बाद हल्का और पौष्टिक भोजन लिया जा सकता है। सुबह योग करने वालों के लिए फल, हल्का नाश्ता या अपनी नियमित डाइट के अनुसार पौष्टिक आहार अच्छा विकल्प हो सकता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास खत्म होने के बाद कुछ मिनट ध्यान या गहरे मौन में जरूर बिताएं। इसके लिए किसी शांत जगह पर आराम से बैठ जाएं। आंखें बंद करें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। ध्यान के बाद शांति पाठ यानी अंतिम प्रार्थना के साथ अपने योग सेशन का समापन करें। आप अपनी आस्था के अनुसार शांति मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं। इससे मन में सकारात्मकता, कृतज्ञता और शांति का भाव पैदा करने में मदद मिलती है।

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