मुख्य सचिव को हटाने पर तृणमूल का राज्यसभा से वॉकआउट, रिजिजू ने कहा- यह सही नहीं

मुख्य सचिव को हटाने पर तृणमूल का राज्यसभा से वॉकआउट, रिजिजू ने कहा- यह सही नहीं
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसदों ने सोमवार को सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। ये सांसद चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने का विरोध कर रहे थे। तृणमूल सांसदों ने चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए पूरे दिन के लिए सदन से वॉक आउट करने का फैसला किया।

नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसदों ने सोमवार को सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। ये सांसद चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने का विरोध कर रहे थे। तृणमूल सांसदों ने चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए पूरे दिन के लिए सदन से वॉक आउट करने का फैसला किया।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी गई है। रविवार को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आधिकारिक घोषणा की थी। सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने के थोड़ी देर बाद ही तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन ने यह विषय सदन में उठाया।

उन्होंने सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा कि हम शून्यकाल में कोई व्यवधान नहीं डालना चाहते। इसलिए हमें 30 सेकंड का समय दीजिए, क्योंकि हमारा उद्देश्य सदन की कार्यवाही को बाधित करना नहीं है। उन्होंने सदन में कहा कि बीती रात के अंधेरे में पश्चिम बंगाल राज्य के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और गृह सचिव को निर्वाचन आयोग द्वारा हटा दिया गया है। डेरेक ओ ब्रॉयन ने कहा कि चुनाव आयोग के पास ऐसा करने की पूरी शक्ति है।

डेरेक ओ ब्रॉयन ने सभापति से कहा, “महोदय, उनके (चुनाव आयोग) के पास यह अधिकार है कि वे ऐसा करें। वे यह भी कह सकते हैं कि मैं सफेद शर्ट की जगह नीली शर्ट पहनूं।”

तृणमूल सांसद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुख्य निर्वाचन आयुक्त जो कर रहे हैं उसके विरोध में राज्यसभा में उनकी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस सोमवार के लिए सदन से वॉकआउट कर रही है। डेरेक ओ'ब्रायन के इस वक्तव्य व तृणमूल सांसदों के वॉकआउट के उपरांत संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू इसका जवाब देने के लिए खड़े हुए।

उन्होंने कहा कि माननीय सदस्य (डेरेक ओ ब्रॉयन) सदन में अचानक खड़े हो गए हैं, जबकि उनका मुद्दा कार्यसूची में सूचीबद्ध नहीं है। वे एक संवैधानिक प्राधिकरण से जुड़े विषय को उठा रहे हैं, जिसका इस सदन या सरकार से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। किरेन रिजिजू ने कहा, "यदि हर सदस्य न्यायालय या चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक प्राधिकरणों के निर्णयों पर यहां सवाल उठाने लगे, तो यह उचित नहीं होगा। चुनाव आयोग की शक्तियां अलग हैं।"

चुनाव आयोग को यह अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है। इसलिए इस विषय को सदन में उठाने का कोई औचित्य नहीं है। किरेन रिजिजू ने कहा, "मेरा मानना है कि सभी को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। लेकिन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और इंडियन नेशनल कांग्रेस ने हमेशा ही संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने की आदत बना ली है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह ठीक नहीं है और इससे सदन के समय का भी दुरुपयोग हुआ है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस

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Created On :   16 March 2026 1:32 PM IST

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