मुंबई मैनहोल हादसे पर मिलिंद देवरा की मांग, 'लापरवाह अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई'

मुंबई मैनहोल हादसे पर मिलिंद देवरा की मांग, लापरवाह अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई
शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा ने मुंबई में मैनहोल से जुड़ी घटना के बाद मॉनसून की तैयारियों को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका को अधिक जवाबदेह बनाने की जरूरत है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन टाइगर से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को मजबूत बनाना ही उनका लक्ष्य है ताकि सरकार और अधिक प्रभावी ढंग से जनता की समस्याओं का समाधान कर सके।

मुंबई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा ने मुंबई में मैनहोल से जुड़ी घटना के बाद मॉनसून की तैयारियों को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका को अधिक जवाबदेह बनाने की जरूरत है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन टाइगर से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को मजबूत बनाना ही उनका लक्ष्य है ताकि सरकार और अधिक प्रभावी ढंग से जनता की समस्याओं का समाधान कर सके।

आईएएनएस से बातचीत में मिलिंद देवरा ने कहा कि मैं एक सांसद के रूप में नहीं, बल्कि एक आम मुंबईकर के रूप में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करना चाहूंगा। मुंबई महानगरपालिका भारत की सबसे अमीर और सबसे बड़ी महानगरपालिका है। इस बात पर हम सबको गर्व है। पिछले कई दशकों से मुंबई महानगरपालिका को लूटा गया और उसका दुरुपयोग किया गया। मुंबई महानगरपालिका में अकाउंटेबिलिटी का नाम ही नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने मुंबई महानगरपालिका में सुधार के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। कोस्टल रोड प्रोजेक्ट इसका बहुत सुंदर उदाहरण है। कोस्टल रोड के साथ साइक्लिंग ट्रैक बन चुकी है और अब कोस्टल गार्डन्स बनने जा रहे हैं, जिसमें कोस्टल रोड और रेसकोर्स को मिलाकर लगभग 300 एकड़ ओपन स्पेस आम मुंबईकरों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे बहुत अच्छे काम भी हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बुनियादी व्यवस्थाओं में अब भी गंभीर कमियां हैं। हर मानसून में हमें वही समस्याएं दिखाई देती हैं। कभी पेड़ गिरते हैं, कुछ समय पहले हादसा हुआ। इसके साथ-साथ मैनहोल का मुद्दा भी है। कोर्ट ने भी मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया है कि सभी मैनहोल पर वायर मेश लगाया जाए ताकि कोई व्यक्ति गिरने पर अंदर न जाए। लगभग 70 हजार मैनहोल पर यह काम पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी तीन से चार हजार मैनहोल बाकी हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व की ओर से महानगरपालिका को अधिक जवाबदेह बनाने की इच्छाशक्ति है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। जहां तक राजनीतिक नेतृत्व का सवाल है, पूरी राजनीतिक इच्छाशक्ति है कि मुंबई महानगरपालिका को अधिक जवाबदेह और आधुनिक बनाया जाए। लेकिन यदि किसी वार्ड में वार्ड अधिकारी की लापरवाही या नेग्लिजेंस है तो उन अधिकारियों पर भी करेक्टिव एक्शन लिया जाना चाहिए। यही आम मुंबईकर की वेदना, आकांक्षा और मांग है।

देवरा ने आरोप लगाया कि कई मामलों में अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत भी देखने को मिलती है। यदि मुंबई महानगरपालिका को अधिक अकाउंटेबल बनाना चाहते हैं, तो जो फॉल्टी अधिकारी हैं और कभी-कभी अधिकारी और कॉन्ट्रैक्टर के बीच जो नेक्सस होता है, उसे पूरी तरह एक्सपोज किया जाना चाहिए। कार्रवाई होनी चाहिए और उन अधिकारियों को सैक किया जाना चाहिए। एक उदाहरण बनना चाहिए ताकि दूसरे अधिकारी भी अपने काम को अधिक गंभीरता से लें।

मॉनसून की तैयारियों पर उन्होंने कहा कि महानगरपालिका को पहले से व्यापक योजना बनानी चाहिए। मुंबई महानगरपालिका को पहले से ही प्लान करना चाहिए। पूरे विश्व को पता है कि मानसून आता है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से मानसून अब अनियमित हो गया है। जब आता है तो बहुत तेज बारिश होती है। इसलिए मैनहोल, पेड़ और ऐसी सभी चीजों की पहले से निगरानी, जांच और मॉनिटरिंग होनी चाहिए। मुंबई को मानसून प्रूफ बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों को पहचानती है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है। चाहे किसी भी पार्टी का नगरसेवक, विधायक या सांसद हो, सभी चाहते हैं कि ऐसी लापरवाही न हो और जनता की समस्याएं दूर हों। लेकिन सवाल यह है कि अधिकारी क्या कर रहे हैं और प्रशासन क्या कर रहा है। प्रशासन का चेहरा लोगों को दिखाई नहीं देता, जबकि जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों को जवाबदेह मानती है। इसलिए प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाना होगा और इस दिशा में सभी को मिलकर जल्द कार्रवाई करनी होगी।

ऑपरेशन टाइगर से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर मिलिंद देवरा ने कहा कि मैं मानता हूं कि शिंदे साहब के नेतृत्व में हम पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं। पार्टी जब मजबूत होगी, तब सरकार मजबूत होगी और जब सरकार मजबूत होगी, तब जनता की समस्या को हम दूर कर पाएंगे। हमारा लक्ष्य जनता की समस्या को दूर करना है। हमें लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है और लोगों को राहत देना है।

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Created On :   2 July 2026 11:24 PM IST

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