नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने घरेलू एयरलाइंस को दी बड़ी राहत, लैंडिंग-पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने घरेलू एयरलाइंस को दी बड़ी राहत, लैंडिंग-पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और वैश्विक स्तर पर एटीएफ (विमानन ईंधन) की तेजी से बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय घरेलू एयरलाइंस को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में तीन महीने के लिए 25 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और वैश्विक स्तर पर एटीएफ (विमानन ईंधन) की तेजी से बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय घरेलू एयरलाइंस को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में तीन महीने के लिए 25 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है।

इस फैसले से एयरलाइंस की परिचालन लागत कम होगी और यात्रियों पर हवाई किराए बढ़ने का बोझ भी कम पड़ेगा। इससे पहले सरकार ने एटीएफ की कीमतों में हुई वृद्धि का केवल 25 प्रतिशत ही एयरलाइंस पर डाला था, जबकि वैश्विक स्तर पर एटीएफ की कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई है।

मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा प्रयास हवाई यात्रा को आम यात्रियों के लिए किफायती और सुविधाजनक बनाना है। मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हमने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एयरलाइंस पर अत्यधिक बोझ न पड़े। अब लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती करके हम एयरलाइंस को और राहत दे रहे हैं, जिससे हवाई किराए स्थिर रह सकें।"

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारतीय एयरपोर्ट आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (एईआरए) को निर्देश दिया है कि सभी प्रमुख एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों के लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में तत्काल प्रभाव से 25 प्रतिशत की कमी की जाए। यह छूट तीन महीने तक लागू रहेगी। एईआरए ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

इसी प्रकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को अपने सभी गैर-प्रमुख एयरपोर्ट पर लैंडिंग और पार्किंग शुल्क 25 प्रतिशत कम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस राहत से तीन महीने में प्रमुख एयरपोर्ट पर एयरलाइंस को लगभग 400 करोड़ रुपए की बचत होने की उम्मीद है।

मंत्री ने कहा कि मंत्रालय सभी हितधारकों, एयरलाइंस, एयरपोर्ट संचालकों और एईआरए, के साथ लगातार संपर्क में है। स्थिति की समीक्षा करते हुए आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि इन उपायों से घरेलू विमानन क्षेत्र की व्यवहार्यता बनी रहेगी और यात्रियों को सुरक्षित और किफायती हवाई यात्रा का लाभ मिलता रहेगा। यह फैसला वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हुई अभूतपूर्व स्थिति में भारतीय विमानन क्षेत्र को मजबूत और लचीला बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बदलती परिस्थितियों पर नजर रखते हुए भविष्य में भी आवश्यक राहत उपाय किए जाएंगे।

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Created On :   8 April 2026 9:40 PM IST

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