नीतीश कुमार के पुराने साथी केसी त्यागी हुए अलग, नए रास्ते के विकल्प की तैयारी

नीतीश कुमार के पुराने साथी केसी त्यागी हुए अलग, नए रास्ते के विकल्प की तैयारी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के चुनाव जीत जाने के बाद उनका उच्च सदन में जाने का रास्ता साफ है। इस बीच, उनके पुराने साथी और जदयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी उनसे किनारा करने की तैयारी में हैं। उन्होंने जदयू की सदस्यता अभियान के समाप्त होने के बाद भी अपनी सदस्यता रिन्यू नहीं कराई है।

पटना, 17 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के चुनाव जीत जाने के बाद उनका उच्च सदन में जाने का रास्ता साफ है। इस बीच, उनके पुराने साथी और जदयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी उनसे किनारा करने की तैयारी में हैं। उन्होंने जदयू की सदस्यता अभियान के समाप्त होने के बाद भी अपनी सदस्यता रिन्यू नहीं कराई है।

जानकारी के मुताबिक, वे अपने कुछ राजनीतिक मित्र, शुभचिंतक और कार्यकर्ताओं के साथ 22 मार्च को दिल्ली में समान विचारधारा वाले लोगों के साथ एक बैठक आयोजित कर रहे हैं, जिसमें देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में वे आगे की रणनीति या कार्ययोजना संबंधित लोगों से विचार-विमर्श करने के बाद तय करेंगे।

बता दें कि जदयू का गठन 30 अक्टूबर 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से हुआ था। जॉर्ज फर्नांडिस पार्टी के अध्यक्ष थे और के सी त्यागी महासचिव के तौर पर साथ मिलकर काम करते थे। त्यागी शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ भी कई वर्षों तक काम कर चुके हैं। वे जदयू के मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार के तौर पर भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।

के सी त्यागी की गिनती जदयू के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं के रूप में होती रही है। इनकी गणना नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में होती रही है, लेकिन कहा जाता है कि कुछ महीनों से इनकी दूरी बढ़ गई है। के सी त्यागी ने मंगलवार इस संबंध में एक बयान जारी करते हुए इसकी जानकारी सार्वजनिक की है।

गौरतलब है कि केसी त्यागी ने लंबे समय से जदयू से दूरी बनाए रखी है। उनके बयानों को पार्टी में भी अहमियत नहीं मिल रही थी। अब तक हालांकि आधिकारिक रूप से उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। अब केसी त्यागी ने स्वयं इसकी जानकारी सार्वजनिक की है कि उनकी जदयू की सदस्यता समाप्त हो गई है और उन्होंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है।

उन्होंने यह भी कहा है कि समाज के वंचित वर्गों, किसानों और कृषि से जुड़े लोगों के हितों से जुड़े व्यापक और विस्तृत वैचारिक मुद्दों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता आज भी उतनी ही दृढ़ है, जितनी पहले थी।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएस

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Created On :   17 March 2026 2:50 PM IST

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