एनपीसीआई का बड़ा ऐलान, दीपावली के बाद लागू होगा यूपीआई एमडीआर;तारीख अभी तय नहीं

एनपीसीआई का बड़ा ऐलान, दीपावली के बाद लागू होगा यूपीआई एमडीआर;तारीख अभी तय नहीं
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने मंगलवार को ऐलान किया कि प्रस्तावित यूपीआई एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) फ्रेमवर्क को दीपावली के बाद लागू किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए तारीख का ऐलान किया जाना बाकी है।

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने मंगलवार को ऐलान किया कि प्रस्तावित यूपीआई एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) फ्रेमवर्क को दीपावली के बाद लागू किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए तारीख का ऐलान किया जाना बाकी है।

एनपीसीआई की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया, "यूपीआई और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने आज फैसला किया कि त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए, चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एमडीआर को दीपावाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा। इसकी तारीख की घोषणा अलग से की जाएगी।"

यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब व्यापारी संगठनों, फिनटेक और पेमेंट कंपनियों ने एनपीसीआई से यूपीआई फ्रेमवर्क के लागू होने की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। उन्होंने त्योहारों के दौरान होने वाली अधिक बिक्री पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई थी।

पिछले महीने, यूपीआई स्टीयरिंग कमिटी ने 2,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए यूपीआई एमडीआर को 0.4 प्रतिशत या 40 बेसिस पॉइंट्स तय किया था।

एमडीआर वह फीस है जो डिजिटल पेमेंट प्रोसेस करने के लिए व्यापारियों से ली जाती है। 0.4 प्रतिशत फीस का मतलब है कि हर 2,000 रुपए के खर्च पर 8 रुपए या यूपीआई से किए गए हर 10,000 रुपए के पेमेंट पर 40 रुपए का अतिरिक्त खर्च।

सरकार की ओर से साफ किया जा चुका है कि यह यूपीआई एमडीआर केवल व्यापारियों से लिया जाएगा और व्यापारी इसे ग्राहकों को किसी भी तरीके से पास नहीं कर सकते हैं।

इससे पहले, विश्व बैंक समूह के कार्यकारी निदेशक नीलकंठ मिश्रा ने कहा था कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन पर एमडीआर की अनुमति देना एक अधिकार प्रदान करने वाला नियम होगा। हालांकि, भुगतान क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण इससे शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी होने की आशंका कम है।

मिश्रा ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इससे बड़े पैमाने पर शुल्क में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि यह एक मुक्त और प्रतिस्पर्धी बाजार है। ऐसी कंपनियां भी थीं, जो एमडीआर शुल्क नहीं ले पाने के बावजूद अपना कारोबार चलाने में सक्षम रहीं और बाजार में बनी रहीं।"

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   13 Oct 2026 2:30 PM IST

Tags

Next Story