Fortis Healthcare: प्रमोटरों के निजी कर्ज का असर लिस्टेड कंपनियों पर पड़ने का खतरा: InGovern

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Fortis Healthcare से जुड़े मामले ने लिस्टेड कंपनियों और उनके प्रमोटरों की निजी देनदारी के बीच कानूनी अंतर को लेकर नई बहस छेड़ दी है। प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म InGovern ने कहा है कि अगर इस मामले में अपनाया गया तर्क आगे भी कायम रहता है, तो भविष्य में लिस्टेड कंपनियां अपने प्रमोटरों के निजी कर्ज से जुड़ी वसूली की कार्रवाई के दायरे में आ सकती हैं।
InGovern ने कहा कि इसका असर कंपनियों के बोर्ड सदस्यों और कंप्लायंस अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर भी पड़ सकता है। फर्म के मुताबिक, ऐसी स्थिति में उनसे प्रमोटर-शेयरधारकों के निजी वादों और देनदारियों पर नजर रखने की उम्मीद की जा सकती है, जबकि मौजूदा कंपनी कानून में ऐसी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से नहीं है।
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Fortis से जुड़ा क्या है मामला?
यह मामला Fortis Healthcare के पूर्व प्रमोटरों मालविंदर सिंह और शिविंदर सिंह से जुड़ा है। जापानी कंपनी Daiichi Sankyo सिंह बंधुओं के खिलाफ सिंगापुर में मिले आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को लागू कराने की कोशिश कर रही है।
इसी मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने 31 अगस्त 2026 को Fortis से जुड़े लेनदेन का फोरेंसिक ऑडिट कराने का आदेश दिया था। अदालत ने साफ किया है कि ऑडिट का उद्देश्य तथ्यों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी सामने लाना है। इससे अपने आप Fortis पर कोई देनदारी तय नहीं होती।
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कंपनी और प्रमोटर अलग कानूनी इकाई
InGovern ने कहा कि कंपनी कानून का एक बुनियादी सिद्धांत यह है कि कंपनी अपने प्रमोटरों और उसे चलाने वाले लोगों से अलग कानूनी इकाई होती है। फर्म के मुताबिक, प्रमोटर की निजी देनदारी को कंपनी की जिम्मेदारी से अलग रखना कॉरपोरेट व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
फर्म ने कहा कि Fortis मामले में फोरेंसिक ऑडिट अपने आप किसी गड़बड़ी या कंपनी की देनदारी को साबित नहीं करता। मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले के बाद ही सामने आएगा।
InGovern का कहना है कि इस मामले का असर केवल Fortis तक सीमित नहीं रह सकता। इससे भारत में लिस्टेड कंपनियों, प्रमोटरों और उनकी निजी देनदारियों के बीच जिम्मेदारी की सीमा को लेकर व्यापक चर्चा हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल 2027 को तय है। Fortis की ओर से फोरेंसिक ऑडिट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई है।
Created On :   22 Sept 2026 10:41 PM IST












