गुलजार सिंह मौत मामला अकाली दल ने वित्त मंत्री चीमा पर एफआईआर और सीबीआई जांच की मांग की
चंडीगढ़, 10 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के संगरूर जिले के गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में सियासत तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने पीड़ित परिवार का साथ देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत सभी आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं गुलजार सिंह के शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा हूं और वित्त मंत्री हरपाल चीमा सहित सभी कथित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की मांग करता हूं। मेरा पंजाब पहले कभी ऐसा नहीं था। पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार पर नियंत्रण मानव गरिमा पर अमानवीय हमला है, जो चीमा के निर्देशों पर किया गया।"
एक वीडियो संदेश में बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पिछले कई दिनों से पंजाब में जो कुछ भी हो रहा है, वह काफी चिंताजनक है। यह आम आदमी पार्टी सरकार की नाकामी है। ये सरकार बदलाव की बात करती है लेकिन बदलाव सिर्फ इतना आया कि पिज्जा की डिलीवरी स्लो हो गई, लेकिन नशे की डिलीवरी तेज हो रही है। और जो कोई भी इसके खिलाफ आवाज उठा रहा है, उसकी आवाज दबा दी जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार का काम सिर्फ गरीबों का शोषण करना रह गया है। देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि अगर कोई नशे के खिलाफ आवाज उठा रहा है और उसे बंद करने की मांग कर रहा है, तो उसे अपनी जान देनी पड़ रही है। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
एक अन्य एक्स पोस्ट में बिक्रम सिंह मजीठिया ने लिखा, "आज गुलजार सिंह का परिवार एक बार फिर इंसाफ मांग रहा है। वे बता रहे हैं कि कैसे पुलिस ने उन्हें दबाया और जबरन अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया। आज दलित परिवार कह रहा है कि उन्हें हड्डियों के अलावा कुछ नहीं मिला। जिससे साफ पता चलता है कि कैसे गुरु-सिद्धांत को धोखा देने वाली सरकार ने एक गरीब दलित परिवार की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।"
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के संगरूर जिले में रहने वाले 50 साल के गुलजार सिंह ने जहर खा लिया था। बताया जा रहा है कि वह सरकार द्वारा ड्रग्स की समस्या रोकने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने से परेशान थे। जहर खाने के बाद उन्हें काफी दर्द हुआ, लेकिन मरने से पहले उन्होंने लोगों से बात की।
मरने से पहले गुलजार सिंह ने कहा था, "हरपाल सिंह चीमा भी मेरी मौत के लिए जिम्मेदार हैं।" वह पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर इशारा कर रहे थे, जिनसे उन्होंने गांव के दौरे के दौरान राज्य की ड्रग्स समस्या को लेकर सवाल किया था।
गुलजार सिंह ने आरोप लगाया था कि 'आप' सरकार के मंत्री से सवाल करने के बाद पुलिस उन्हें अलग ले गई और माफी मांगने के लिए काफी दबाव डाला गया।
अपने आखिरी बयान में उन्होंने कहा था, "सरपंच भी मेरी मौत के लिए जिम्मेदार है। मैंने हरपाल सिंह चीमा से ड्रग्स के बारे में सवाल किया था। मेरा बेटा ड्रग्स लेता है। मेरा घर बिक गया। मेरे पास कुछ नहीं है और आखिरकार अब मैंने जहर खा लिया है। पंजाब में कहीं भी ड्रग्स की समस्या हल नहीं हुई है।"
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Created On :   10 Sept 2026 3:26 PM IST












