रेडियो पर बैन तो दूरदर्शन ने हटा दिया था गाना... 1971 में आई देवानंद के इस फिल्म के गाने पर जमकर बरपा था हंगामा

रेडियो पर बैन तो दूरदर्शन ने हटा दिया था गाना... 1971 में आई देवानंद के इस फिल्म के गाने पर जमकर बरपा था हंगामा
आजकल फिल्म इंडस्ट्री में अश्लील बोल और बोल्ड इशारों वाले गाने सुर्खियों में छाए रहते हैं। बादशाह का 'टटीरी' और नोरा फतेही-संजय दत्त का 'सरके चुनर' जैसे ट्रैक्स विवादों में घिरे, सोशल मीडिया पर आलोचना हुई और कई प्लेटफॉर्म्स से हटाए गए और पूर्ण रूप से बैन कर दिए गए लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। हिंदी सिनेमा के इतिहास में भी ऐसे गाने आए हैं, जिन पर भारी हंगामा हुआ और प्रतिबंध लगा। सबसे चर्चित उदाहरण है 1971 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' का आइकॉनिक गाना।

मुंबई, 19 मार्च (आईएएनएस)। आजकल फिल्म इंडस्ट्री में अश्लील बोल और बोल्ड इशारों वाले गाने सुर्खियों में छाए रहते हैं। बादशाह का 'टटीरी' और नोरा फतेही-संजय दत्त का 'सरके चुनर' जैसे ट्रैक्स विवादों में घिरे, सोशल मीडिया पर आलोचना हुई और कई प्लेटफॉर्म्स से हटाए गए और पूर्ण रूप से बैन कर दिए गए लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। हिंदी सिनेमा के इतिहास में भी ऐसे गाने आए हैं, जिन पर भारी हंगामा हुआ और प्रतिबंध लगा। सबसे चर्चित उदाहरण है 1971 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' का आइकॉनिक गाना।

जी हां! हम देवानंद और जीनत अमान पर फिल्माए गए 'दम मारो दम' गाने की बात कर रहे हैं। देव आनंद, जीनत अमान और मुमताज अभिनीत इस फिल्म में आशा भोसले की आवाज में 'दम मारो दम' गाना रिलीज होते ही विवादों में घिर गया। आरडी बर्मन का संगीत और आनंद बख्शी के बोल थे। गाने में जीनत अमान को हिप्पी स्टाइल में चिलम फूंकते हुए दिखाया गया था, जो नशे के कल्चर को एक तरह से ग्लैमराइज करने का तरीका था और इस पर गंभीर आरोप भी लगा। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ और युवाओं में नशे को बढ़ावा देने वाला बताया।

फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' की कहानी का मुख्य उद्देश्य उस समय देश में फैल रहे हिप्पी कल्चर और नशे (ड्रग्स) की बुरी आदत पर कटाक्ष करना था। कहानी में दिखाया भी गया है कि देव आनंद (प्रशांत) अपनी बहन को ढूंढते हुए काठमांडू पहुंचते हैं। वहां उनकी बहन जीनत अमान पूरी तरह हिप्पी लाइफस्टाइल में डूब चुकी होती है। वह दिन-रात चिलम-गांजा फूंकती है और नशे में बहकती है। वह अपने परिवार व असली पहचान तक भूल चुकी है। थीम सही होने के बावजूद गाने की वजह से विवादों का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, गाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि ऑल इंडिया रेडियो ने गाने पर प्रतिबंध तक लगा दिया। यही नहीं दूरदर्शन ने फिल्म के टीवी प्रसारण के दौरान इस गाने तक को काट दिया। जब फिल्म टीवी पर आई तो 'दम मारो दम' को पूरी तरह हटा दिया गया था।

गजब की बात यह है कि आशा भोसले को इस गाने के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर फीमेल का अवॉर्ड भी मिला था। देवानंद ने फिल्म में इसे एंटी-ड्रग मैसेज के तौर पर रखा था लेकिन गाने की कैची धुन और बोल्ड विजुअल्स ने इसे अलग ही पहचान दे दी।

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Created On :   19 March 2026 10:00 AM IST

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