राज्यपाल की दो टूक छात्राओं से पिछड़ रहे छात्रों पर हो शोध, विश्वविद्यालय समाज की समस्याओं का भी खोजें समाधान
लखनऊ, 31 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षोत्सव में उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल डिग्री देने तक सीमित न रहने, बल्कि समाज की चुनौतियों का समाधान खोजने का आह्वान किया। उन्होंने छात्राओं की तुलना में छात्रों के लगातार पिछड़ने पर शोध कराने, बढ़ते अपराध, दहेज और दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही विश्वविद्यालय में छात्रावास, पुस्तकालय, मेस और अन्य मूलभूत सुविधाओं में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश भी दिए।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वां दीक्षोत्सव आयोजित हुआ। समारोह में 1,25,285 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 57,166 छात्र और 68,119 छात्राएं शामिल रहीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 111 विद्यार्थियों को 204 पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 81 छात्राएं और 30 छात्र रहे। राज्यपाल ने कहा कि पिछले सात वर्षों के परीक्षा परिणाम बताते हैं कि छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, जबकि छात्र अपेक्षाकृत पीछे रह रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए विश्वविद्यालय को इसके कारणों पर शोध कराने के निर्देश दिए, ताकि निष्कर्षों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाले केंद्र हैं। इसलिए बढ़ते अपराध, दहेज हत्या, महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध जैसी सामाजिक समस्याओं पर शोध कर समाधान खोजे जाने चाहिए। उन्होंने कुलपति को निर्देश दिया कि आजीवन कारावास की सजा काट रहे अपराधियों से मिलकर यह अध्ययन कराया जाए कि किन मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों में लोग जघन्य अपराध की ओर बढ़ते हैं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से नशामुक्त भारत अभियान, जल संरक्षण, आयुष्मान भारत योजना और सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे। दीक्षोत्सव के अवसर पर रायबरेली के लिए 300 तथा लखनऊ के लिए 200 आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं। इसके साथ ही रायबरेली की 300 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराया गया।
राज्यपाल ने बताया कि इसी दिन डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में भी बदायूं के लिए 300 आंगनबाड़ी किट और 300 बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 70,793 आंगनबाड़ी किट वितरित की जा चुकी हैं तथा 5,87,459 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराया जा चुका है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी उपाधियां और अंकपत्र केवल डिजिलॉकर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएं तथा उनकी हार्ड कॉपी जारी न की जाए।
उन्होंने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय को इस वर्ष 77 देशों से 3,421 विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 64 प्रतिशत अधिक हैं। उन्होंने विदेशी विद्यार्थियों का नियमित अभिलेख रखने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने केंद्रीय बजट में शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, रोजगार और नवाचार से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय सुनिश्चित करें कि इनका अधिकतम लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे।
निरीक्षण में सामने आई कमियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्रावासों का शीघ्र आवंटन, मेस संचालन, पुस्तकालय का समय बढ़ाने, शनिवार को भी लाइब्रेरी खोलने, छात्रावासों में वाई-फाई और वाशिंग मशीन की व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा, पेयजल तथा परिसर में पड़े कबाड़ के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू किए जाने, खेलों में उपलब्धियों तथा शिक्षकों द्वारा पुस्तक लेखन की सराहना की। उन्होंने उत्कृष्ट शिक्षकों को 'टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड' से सम्मानित किया, संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का लोकार्पण किया तथा एचपीवी टीकाकरण अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया।
--आईएएनएस
विकेटी/पीएम
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Created On :   31 July 2026 8:07 PM IST












