राम मंदिर आस्था का केंद्र, व्यापार का नहीं, श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए श्याम रजक
पटना, 6 जुलाई (आईएएनएस)। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने राम मंदिर चंदा विवाद, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और शिवसेना (यूबीटी) को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आस्था का केंद्र है और उससे जुड़े किसी भी फैसले में श्रद्धालुओं की भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
राम मंदिर चंदा विवाद पर आईएएनएस से बातचीत में श्याम रजक ने कहा, "भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। राम केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भक्ति, मर्यादा और आदर्श जीवन के प्रतीक भी हैं। मंदिर निर्माण के दौरान भी कई तरह की चुनौतियां सामने आई थीं और निर्माण के बाद भी समय-समय पर विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों और ट्रस्ट के स्तर पर चल रही है।"
उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय है कि मंदिर से जुड़े सभी निर्णय इस प्रकार लिए जाने चाहिए, जिससे भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था को कोई ठेस न पहुंचे। उन्होंने जोर देकर कहा, "राम मंदिर का निर्माण व्यापार या आर्थिक गतिविधियों के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धा और पूजा के केंद्र के रूप में हुआ है। इसलिए इसकी गरिमा, पवित्रता और भव्यता हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए। इस दिशा में निर्णय लेने की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट की है।"
बांकीपुर विधानसभा सीट से जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा उपचुनाव लड़ने की घोषणा पर श्याम रजक ने कहा, "प्रशांत किशोर पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। इस बार भी परिणाम अलग नहीं होंगे। प्रशांत किशोर चंदा जुटाकर चुनाव लड़ेंगे और मैदान में कई निर्दलीय उम्मीदवार भी होंगे, लेकिन इससे चुनावी समीकरण पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। बांकीपुर सीट पहले भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की थी, अभी भी एनडीए की है, और आगे भी एनडीए के पास ही रहेगी। जनता का भरोसा लगातार एनडीए के साथ बना हुआ है।"
तेजस्वी यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद यादव को राजनीतिक रूप से कमजोर करने में विरोधियों और सहयोगियों की भूमिका होने की बात कही थी, श्याम रजक ने तंज कसते हुए कहा कि राजद अपनी स्थापना दिवस मना रहा था, जबकि उसके शीर्ष नेता विदेश यात्रा पर थे। उन्होंने आरोप लगाया, "पार्टी के कार्यकर्ता नेतृत्व के अभाव में निराश दिखाई दिए। तेजस्वी यादव को पहले अपने परिवार और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों पर ध्यान देना चाहिए, उसके बाद दूसरों पर आरोप लगाना चाहिए।"
शिवसेना (यूबीटी) द्वारा चलाए जा रहे 'राम रक्षा आंदोलन' पर भी उन्होंने टिप्पणी की। रजक ने कहा कि उद्धव ठाकरे राजनीतिक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे हैं और इसी वजह से ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना की मूल विचारधारा यूपीए के साथ जाने के बाद कमजोर हुई है। पार्टी को पहले अपनी नीति और नीयत स्पष्ट करनी चाहिए।
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Created On :   6 July 2026 7:20 PM IST










