आरबीआई और ईसीबी ने आपसी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

आरबीआई और ईसीबी ने आपसी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर
भारतीय रिजर्व बैंक और यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने आपसी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।

नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक और यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने आपसी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक नोट में बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक और यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने आपसी सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) की प्रेसिडेंट क्रिस्टीन लेगार्ड ने रविवार को सेंट्रल बैंकिंग के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमयूओ) पर साइन किए। यह हस्ताक्षर बेसल में बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (बीआईएस) की बैठकों के दौरान किए गए।

यह एमयूओ, जो 2015 के पिछले एमयूओ को अपडेट करता है, सेंट्रल बैंकिंग के क्षेत्र में आपसी हित के क्षेत्रों में दोनों संस्थानों के बीच जानकारी के नियमित आदान-प्रदान, नीतिगत बातचीत और तकनीकी सहयोग के लिए एक ढांचा प्रदान करता है।

बता दें कि पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों यानी सहकारी बैंकिंग (यूसीबी) सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 'मिशन सक्षम' (सहकारी बैंक क्षमता निर्माण) की शुरुआत की थी। यह पूरे देश में लागू होने वाला एक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य को-ऑपरेटिव बैंकों की कार्यक्षमता और प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

केंद्रीय बैंक ने एक नोट में बताया था कि आरबीआई द्वारा शुरू किए गए इस मिशन के तहत करीब 1.40 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें बैंक के बोर्ड मेंबर्स, सीनियर मैनेजमेंट, रिस्क, कंप्लायंस और ऑडिट विभाग के प्रमुखों के साथ-साथ आईटी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा।

यह ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑफलाइन (इन-पर्सन) और ऑनलाइन (ई-लर्निंग) दोनों माध्यमों से आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

'सक्षम' का मतलब है—काबिल और सक्षम बनाना। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि अलग-अलग राज्यों के कर्मचारियों को समझने में आसानी हो।

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Created On :   10 May 2026 9:39 PM IST

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