आरएचएफएल बैंक धोखाधड़ी मामला सीबीआई ने पहली चार्जशीट दाखिल की, चार आरोपी नामजद

आरएचएफएल बैंक धोखाधड़ी मामला सीबीआई ने पहली चार्जशीट दाखिल की, चार आरोपी नामजद
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को मुंबई में सीबीआई मामलों के स्पेशल जज के सामने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की। ​​यह चार्जशीट चार आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई है।

मुंबई, 9 जुलाई (आईएएनएस)। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को मुंबई में सीबीआई मामलों के स्पेशल जज के सामने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की। ​​यह चार्जशीट चार आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई है।

इनमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), आरएचएफएल के दो पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव रवींद्र सुधालकर (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ) और कृष्णन गोपालकृष्णन अय्यर (चीफ रिस्क ऑफिसर) और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी (चीफ क्रेडिट और रिस्क ऑफिसर) शामिल हैं। इन पर पब्लिक सेक्टर के बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने का आरोप है।

दाखिल की गई चार्जशीट सीबीआई की जांच पर आधारित है। जांच से पता चला है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड द्वारा लिए गए फंड को बिचौलियों और जरिया बनी कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए ग्रुप की विभिन्न कंपनियों में डायवर्ट किया गया। ऐसा करके कर्ज से जुड़ी शर्तों और नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे कर्ज देने वाले बैंकों को गलत तरीके से नुकसान हुआ और आरोपियों व संबंधित कंपनियों को गलत तरीके से फायदा हुआ।

दरअसल, सीबीआई ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और कंसोर्टियम के अन्य पीएसयू बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। कंसोर्टियम के 10 पब्लिक सेक्टर बैंकों को कुल 3526.35 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

पब्लिक सेक्टर के बैंकों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने में शामिल अन्य डायरेक्टरों, कंपनियों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी रखी गई है। उम्मीद है कि समय के साथ सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की जाएंगी।

सीबीआई ने इस मामले में अब तक दो आरोपी आरएचएफएल के पूर्व सीईओ रवींद्र सुधालकर और पूर्व डायरेक्टर अमित बापना को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।

बता दें कि सीबीआई ने विभिन्न पब्लिक सेक्टर बैंकों और एलआईसी से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की हैं।

सीबीआई ने पहले आरकॉम मामले में 29 मई को 16 आरोपियों के खिलाफ अपनी पहली चार्जशीट और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) मामले में 7 जुलाई को 7 आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल की थी। यह चार्जशीट रिलायंस एडीए ग्रुप के मामलों में दाखिल की गई तीसरी चार्जशीट है। इन मामलों की जांच चल रही है और सुप्रीम कोर्ट इसकी निगरानी कर रहा है।

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Created On :   9 July 2026 11:05 PM IST

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