रिजू दत्ता ने टीएमसी की अंदरूनी लड़ाई की खोली पोल, बोले- ममता ने बंगाल में कांग्रेस को खत्म किया

रिजू दत्ता ने टीएमसी की अंदरूनी लड़ाई की खोली पोल, बोले- ममता ने बंगाल में कांग्रेस को खत्म किया
तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है, जहां ऋतब्रत बनर्जी गुट (डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सीधा और तीखा हमला बोला है। ममता बनर्जी पर कांग्रेस के साथ इतिहास का सबसे बड़ा विश्वासघात करने और 2011 के बाद बंगाल में कांग्रेस को सुनियोजित तरीके से खत्म करने का आरोप लगाते हुए दत्ता ने आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी को लेकर भी निशाना साधा।

कोलकाता, 20 सितंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है, जहां ऋतब्रत बनर्जी गुट (डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सीधा और तीखा हमला बोला है। ममता बनर्जी पर कांग्रेस के साथ इतिहास का सबसे बड़ा विश्वासघात करने और 2011 के बाद बंगाल में कांग्रेस को सुनियोजित तरीके से खत्म करने का आरोप लगाते हुए दत्ता ने आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी को लेकर भी निशाना साधा।

डेमोक्रेटिक टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा, "अगर इतिहास में कांग्रेस के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात किसी ने किया है तो वो ममता बनर्जी हैं। उन्होंने पहले राजीव गांधी के आशीर्वाद से चुनाव लड़ा, फिर सक्रिय रूप से कांग्रेस को तोड़ने और तृणमूल कांग्रेस बनाने का काम किया। 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने बंगाल में कांग्रेस को खत्म कर दिया है, नेताओं को जेल भेजा या तृणमूल में शामिल होने के लिए मजबूर किया।"

उन्होंने कहा कि सुमित रॉय पिछले 15 सालों में बंगाल में हुए सारे भ्रष्टाचार का पिटारा है और दो दिन पहले मिदनापुर कोर्ट में सीआईडी ने अपने फॉरवर्डिंग लेटर में कहा कि सुमित रॉय ने खुलासा किया है कि वो अभिषेक बनर्जी के निर्देशों पर काम करता था।

टीएमसी को लेकर रिजू दत्ता ने कहा कि एक बात मेरी समझ से परे है, जब चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को अपना पक्ष रखने और अपने सभी दस्तावेज जमा करने के दो अवसर दिए तो कल्याण बनर्जी जो ममता बनर्जी के कानूनी सलाहकार हैं, दोनों बार उनके प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव चिह्न को फ्रीज करने का फैसला लेने के बाद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट गईं। अब वो क्या साबित करना चाहती हैं?

वहीं, डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा, "नौशाद सिद्दीकी, जो आईएसएफ के विधायक और आईएसएफ के नेता हैं। नौशाद सिद्दीकी, जो इकलौते आईएसएफ विधायक हैं, मैं सोचता था कि वो कुछ पढ़े-लिखे हैं। आईएसएफ एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है।"

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Created On :   20 Sept 2026 11:06 PM IST

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