रिश्वत मामले में सीबीआई का बड़ा एक्शन, एनएचएआई शिलांग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गिरफ्तार

रिश्वत मामले में सीबीआई का बड़ा एक्शन, एनएचएआई शिलांग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत के एक मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) शिलांग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दो प्राइवेट व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

शिलांग, 6 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत के एक मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) शिलांग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दो प्राइवेट व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई ने यह गिरफ्तारी एक शिकायत के आधार पर की, जहां एनएचएआई, शिलांग के आरोपी सरकारी अधिकारी, एक प्राइवेट व्यक्ति और अन्य लोगों के खिलाफ 1 जुलाई को यह मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में यह आरोप था कि एनएचएआई के आरोपी प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने शिकायतकर्ता से 13.38 करोड़ रुपए के बकाया बिल को प्रोसेस करने के लिए 12 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

आरोपी सरकारी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम का एक हिस्सा यानी 4 लाख रुपए एडवांस में देने के लिए कहा। आरोपी सरकारी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को गुवाहाटी में एक प्राइवेट व्यक्ति को रिश्वत की रकम सौंपने के लिए भी कहा। उस प्राइवेट व्यक्ति ने आगे गुवाहाटी में ही एक दूसरे प्राइवेट व्यक्ति को रिश्वत की रकम सौंपने के लिए कहा।

शिकायतकर्ता से मिली जानकारी के आधार पर सीबीआई ने एक जाल बिछाया और आरोपी प्राइवेट व्यक्ति को शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपए की रिश्वत/अनुचित लाभ मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दोनों प्राइवेट व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके ठिकानों पर तलाशी ली गई। वहीं, मामले को लेकर सीबीआई की ओर से आगे की कार्रवाई और जांच जारी है।

सीबीआई की ओर से की गई सख्त कार्रवाई का एक दूसरा मामला रविवार को दिल्ली से सामने आया, जहां सीबीआई ने 4 जुलाई को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खाखेरू पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले नसीरपुर गांव से रामनारायण उर्फ हैदर नाम के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है।

यह गिरफ्तारी 2002 के एक मामले के सिलसिले में की गई है, जिसमें प्रयागराज में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) की संरक्षित साइट, गढ़वा किले से एक प्राचीन मूर्ति की चोरी और डकैती के दौरान हत्या का मामला शामिल था।

आरोप है कि 21-22 अप्रैल 2002 की रात को आरोपी विजय कुमार शुक्ला की अगुवाई में 11 लोगों के एक गिरोह ने संरक्षित गढ़वा किले में डकैती की। इस घटना के दौरान गिरोह ने चौकीदार विनोद कुमार श्रीवास्तव की पिटाई की और उसका मुंह बंद करके उसकी हत्या कर दी, दूसरे चौकीदार को काबू में किया, स्टोर रूम का ताला तोड़ा और भगवान बुद्ध की पत्थर की एक कीमती मूर्ति चुरा ली, जो निकालते समय दो टुकड़ों में टूट गई।

जांच से पता चला कि मूर्ति के चोरी हुए टुकड़ों को आरोपी विजय कुमार शुक्ला ने दो लोगों को 2.20 लाख रुपए में बेच दिया। इसके बाद मूर्ति को दिल्ली के महिपालपुर स्थित एक गोदाम में ले जाया गया और फिर विदेश भेज दिया गया। जांच के बाद सीबीआई ने 22 दिसंबर 2005 को दस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इनमें वे चार आरोपी भी शामिल थे, जो फरार चल रहे थे। उनमें विजय कुमार शुक्ला, रवि करण, सूरज भान और रामनारायण उर्फ हैदर है।

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Created On :   6 July 2026 8:21 PM IST

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