रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष मेदवेदेव का दावा, 'ईरान के पास बैकअप हथियार मौजूद!'

रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष मेदवेदेव का दावा, ईरान के पास बैकअप हथियार मौजूद!
ईरान में खामेनेई के आखिरी विदाई कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे रूस के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास न केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसा रणनीतिक दबाव का साधन है, बल्कि बाब अल-मंदेब में भी उसकी एक “बैकअप ताकत” मौजूद है।

तेहरान, 5 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान में खामेनेई के आखिरी विदाई कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे रूस के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास न केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसा रणनीतिक दबाव का साधन है, बल्कि बाब अल-मंदेब में भी उसकी एक “बैकअप ताकत” मौजूद है।

मेदवेदेव ने शनिवार को खामेनेई के जनाजे में शामिल होने के बाद कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए किसी परमाणु हथियार जितना रणनीतिक महत्व रखता है। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में की गई थी।

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाब अल-मंदेब भी एक वैकल्पिक रणनीतिक दबाव बिंदु हो सकता है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।

अल जजीरा के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर क्षेत्र में बड़ा संघर्ष बढ़ता है तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर शिपिंग बाधित हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा, लेकिन क्षेत्र में संघर्ष चाहने वाले देशों को इसे याद रखना चाहिए।”

रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष ने कहा, "वाशिंगटन के पास हमला करने का कोई ठोस कारण नहीं था, क्योंकि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं था। जिस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हवाई हमले का आदेश दिया, उस समय तेहरान वाशिंगटन के साथ बातचीत कर रहा था। संघर्ष शुरू होने से पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी परमाणु मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए एक रोडमैप प्रस्तावित किया था। हालांकि, अमेरिका और इजरायल ने फिर भी तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को सैन्य अभियान शुरू करने के बहाने के रूप में इस्तेमाल किया।"

मेदवेदेव के अनुसार, ईरान ने संघर्ष के सबसे कठिन चरण को "अत्यंत संयम" के साथ पार कर लिया है, और उसे यह एहसास हो गया है कि उसके पास परमाणु हथियारों से मूल्यवान "रणनीति" मौजूद है।

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पहले भी बाब अल-मंदेब को बंद करने की धमकी दी है और 8 जून को उन्होंने लाल सागर में इजरायली जहाजों पर प्रतिबंध की घोषणा की थी।

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Created On :   5 July 2026 2:24 PM IST

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