रूस और उत्तर कोरिया के बीच बना पहला 'रोड ब्रिज', दोस्ती की नई राह या रणनीतिक गलियारा?
मास्को, 7 सितंबर (आईएएनएस)। रूस और उत्तर कोरिया के रिश्तों को और प्रगाढ़ करने का काम एक रोड ब्रिज (सड़क पुल) ने किया है। मास्को-प्योंगयांग के रिश्ते इन दिनों सिर्फ कूटनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं हैं बल्कि बढ़ती नजदीकी अब जमीन पर भी दिखाई देने लगी है। सोमवार को दोनों ने तुमेन नदी पर अपने पहले सड़क पुल का उद्घाटन किया। यह पुल रूस के सुदूर पूर्वी इलाके को उत्तर कोरिया से सीधे सड़क मार्ग से जोड़ता है।
करीब एक किलोमीटर लंबा पुल रूस के खासान क्षेत्र को उत्तर कोरिया के तुमांगांग से जोड़ता है। अब तक दोनों देशों के बीच आवाजाही के लिए मुख्य रूप से रेल संपर्क का इस्तेमाल होता था। नया पुल खुलने के बाद लोगों और सामान की आवाजाही के लिए एक नया रास्ता मिल गया है।
उद्घाटन समारोह में रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन वर्चुअल मोड में जुड़े। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह नया रास्ता पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देगा और साथ ही नई नौकरियों के अवसर भी पैदा करेगा।
मिशुस्तिन ने कहा, "मुझे यकीन है कि सीमा-पार ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को और बढ़ाने में मदद करेगा।"
उत्तर कोरिया के प्रधानमंत्री पाक थाए सोंग भी वीडियो लिंक के जरिए जुड़े। दोनों सरकारों ने इस पुल को आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बताया है। उम्मीद है कि इससे सीमा पार व्यापार, पर्यटन और अन्य तरह के संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।
लेकिन इस पुल की कहानी सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है।
यूक्रेन युद्ध के बाद रूस और उत्तर कोरिया एक-दूसरे के काफी करीब आए हैं। उत्तर कोरिया ने रूस को सैनिकों और सैन्य सहायता के जरिए समर्थन दिया है। इसके बदले रूस और प्योंगयांग के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग बढ़ने की आशंकाएं पश्चिमी देशों में लगातार जताई जाती रही हैं।
ऐसे में दोनों देशों के बीच सड़क संपर्क का खुलना रणनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सड़क मार्ग होने का मतलब है कि अब दोनों देशों के बीच सामान और वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में ज्यादा आसान हो सकती है। यही वजह है कि कुछ विशेषज्ञ इस पुल को केवल व्यापारिक परियोजना के बजाय दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक रिश्तों की एक और कड़ी के रूप में देख रहे हैं।
इस पुल की नींव अप्रैल 2025 में रखी गई थी। इसकी योजना 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान हुए समझौते के बाद सामने आई थी। रूस और उत्तर कोरिया के बीच पहले से एक रेल पुल मौजूद है, जिसे ‘फ्रेंडशिप ब्रिज’ कहा जाता है। लेकिन नया पुल पहली बार दोनों देशों को सीधा सड़क संपर्क देता है।
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Created On :   7 Sept 2026 5:47 PM IST












