रूसी विदेश मंत्री से मिले जयशंकर, भारतीय नाविकों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा

रूसी विदेश मंत्री से मिले जयशंकर, भारतीय नाविकों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। ब्लैक सी हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत के बाद शीर्ष स्तर के मंत्रियों की ये पहली मुलाकात थी। इस दौरान विभिन्न मुद्दों के साथ ही नाविकों की सुरक्षा पर भी गहन चर्चा हुई।

मनीला, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। ब्लैक सी हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत के बाद शीर्ष स्तर के मंत्रियों की ये पहली मुलाकात थी। इस दौरान विभिन्न मुद्दों के साथ ही नाविकों की सुरक्षा पर भी गहन चर्चा हुई।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की।"

उन्होंने आगे लिखा, "क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता दोहराई। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच साझेदारी के विभिन्न पहलुओं, जिनमें व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा एवं कनेक्टिविटी, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर चर्चा की। इसके अलावा यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।"

19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट से रवाना हो रहे एक कमर्शियल जहाज पर रूस की ओर से दागी गई मिसाइल जहाज एमवी गोल्डन लियो पर गिरी। इस हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को रूसी चार्ज डी' अफेयर्स को तलब किया। इस हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की हालत गंभीर है।

घटना के समय जहाज पर 17 क्रू मेंबर थे। इनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे।

हमले की निंदा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और बेगुनाह सिविलियन क्रू मेंबर्स को खतरे में डालना, या किसी और तरह से नेविगेशन और कॉमर्स की आजादी में रुकावट डालना, बहुत बुरा है और इससे बचना चाहिए।"

कीव पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक रूसी मिसाइल ने तुर्किए के मालवाहक जहाज गोल्डन लियो पर हमला किया, जिसमें कुल 10 लोग मारे गए।

आसियान की बात करें तो, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) से संबंधित वार्षिक बैठकों में भाग लेने के लिए मनीला, में हैं। उनकी यात्रा का उद्देश्य पश्चिमी दबाव के बीच एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रूस के राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना है।

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Created On :   22 July 2026 1:15 PM IST

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