संजय गगनानी बने शाकाहारी, कहा- नवरात्र व्रत के बाद अंदर से आया ये बदलाव

संजय गगनानी बने शाकाहारी, कहा- नवरात्र व्रत के बाद अंदर से आया ये बदलाव
टीवी इंडस्ट्री में कई कलाकार अपने किरदारों के जरिए दर्शकों का दिल जीतते हैं, लेकिन कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जो कलाकार की असल जिंदगी को भी बदल देते हैं। 'कुंडली भाग्य' से पहचान बनाने वाले अभिनेता संजय गगनानी इन दिनों अपने एक ऐसे ही निजी बदलाव को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने खुलासा किया कि वह अब शाकाहारी बनना चाहते है। इसके पीछे की वजह आध्यात्मिक अनुभव है।

मुंबई, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। टीवी इंडस्ट्री में कई कलाकार अपने किरदारों के जरिए दर्शकों का दिल जीतते हैं, लेकिन कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जो कलाकार की असल जिंदगी को भी बदल देते हैं। 'कुंडली भाग्य' से पहचान बनाने वाले अभिनेता संजय गगनानी इन दिनों अपने एक ऐसे ही निजी बदलाव को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने खुलासा किया कि वह अब शाकाहारी बनना चाहते है। इसके पीछे की वजह आध्यात्मिक अनुभव है।

संजय गगनानी ने बताया कि यह बदलाव उनके आने वाले वेब शो 'हॉटस्पॉट' की शूटिंग के दौरान शुरू हुआ। उन्होंने कहा, ''हर प्रोजेक्ट सिर्फ करियर को आगे नहीं बढ़ाता, कुछ प्रोजेक्ट इंसान को अंदर से बदल देते हैं। शूटिंग के शुरुआती दिनों से ही मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई दिव्य शक्ति मुझे रास्ता दिखा रही है। इस अनुभव ने जिंदगी और सोच को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित किया।''

संजय ने कहा, ''शो में साथ काम करने वाले कलाकारों की आस्था, समर्पण और सादगी ने मुझे काफी प्रभावित किया। मैं हमेशा सीखते रहना पसंद करता हूं और कोशिश करता हूं कि अपने आसपास के लोगों से अच्छी बातें सीखूं। मैंने सह-कलाकारों से मिली सकारात्मक ऊर्जा को अपने जीवन में उतारना शुरू किया।''

उन्होंने कहा, ''इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान मैंने धार्मिक परंपराओं को भी अपनाया। नवरात्र के आखिरी दो दिनों में व्रत रखा, मंदिरों के दर्शन किए और पूजा-पाठ में हिस्सा लिया। मैंने कन्या पूजन भी किया और तब जाकर अपना व्रत खोला। इस दौरान मुझे अपने अंदर एक गहरा बदलाव महसूस हुआ।''

उन्होंने कहा, ''इस अनुभव के अगले ही दिन मैंने शाकाहारी बनने का फैसला लिया। यह फैसला अचानक नहीं था, बल्कि मेरे अंदर चल रहे बदलाव का ही नतीजा था। मेरी को-स्टार अर्पणा दीक्षित मेरे लिए इसकी एक प्रेरणा बनीं। उनके जरिए मैं खुद को भगवान के और करीब महसूस कर पाया।''

संजय ने बताया, ''मेरी मां भी हमेशा चाहती थीं कि मैं शाकाहारी बनूं। ऐसे में मेरा यह फैसला कहीं न कहीं मेरे परिवार की इच्छा से भी जुड़ा हुआ है। यह पूरी तरह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है।''

अपने इस बदलाव के बारे में बात करते हुए संजय ने कहा, "अब मैं खुद को पहले से ज्यादा हल्का और सकारात्मक महसूस कर रहा हूं। इस फैसले के बाद मुझे भगवान, प्रकृति और खुद से एक अलग तरह का जुड़ाव महसूस हो रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ।''

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Created On :   8 April 2026 2:05 PM IST

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