शाहदरा साइबर पुलिस की कार्रवाई, नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी गाजियाबाद से गिरफ्तार

शाहदरा साइबर पुलिस की कार्रवाई, नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी गाजियाबाद से गिरफ्तार
शाहदरा साइबर पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एक महिला से करीब 1.51 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड भी बरामद किया है।

शाहदरा, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। शाहदरा साइबर पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एक महिला से करीब 1.51 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड भी बरामद किया है।

यह मामला तब सामने आया, जब ईस्ट रोहताश नगर, शाहदरा निवासी नेहा चौधरी ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर 13 नवंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया। पीड़िता ने बताया कि उसे नौकरी के आवेदन के नाम पर एक लिंक भेजा गया था, जिस पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया। जैसे ही उसने लिंक खोला, उसका मोबाइल फोन हैक हो गया और उसके बैंक खाते से आठ अनधिकृत लेनदेन के जरिए कुल 1,51,018 रुपए निकाल लिए गए।

घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। इस मामले की जांच के लिए साइबर पुलिस स्टेशन के एसएचओ विजय कुमार के नेतृत्व में और एससीपी ऑपरेशन मोहिंदर सिंह की निगरानी में एक टीम का गठन किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने बैंक लेनदेन का विश्लेषण किया और पाया कि ठगी की रकम में से 10 हजार रुपए गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी स्थित एक बैंक खाते में जमा किए गए थे। बैंक रिकॉर्ड के आधार पर खाताधारक की पहचान केशव कुमार कर्ण (28) के रूप में हुई, जो सरस्वती विहार, खोड़ा कॉलोनी का निवासी है।

पुलिस टीम ने लगातार प्रयासों के बाद आरोपी का पता लगाया और छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह भारतीय स्टेट बैंक के लिए कस्टमर सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करता था और उसने इंडियन ओवरसीज बैंक में अपने नाम से खाता खुलवाया था। एक अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मदद से तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए करीब 1.30 लाख रुपए जमा किए, जिन्हें बाद में एटीएम से निकाल लिया गया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने सबूत मिटाने के लिए एटीएम कार्ड नष्ट कर दिया था।

पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे साइबर अपराधों पर समय रहते रोक लगाई जा सके।

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Created On :   4 April 2026 7:11 PM IST

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