शिवमोग्गा आईएसआईएस साजिश मामले में एनआईए कोर्ट ने तीसरे आरोपी को 6 साल की सजा सुनाई

शिवमोग्गा आईएसआईएस साजिश मामले में एनआईए कोर्ट ने तीसरे आरोपी को 6 साल की सजा सुनाई
आतंकी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने 2022 के चर्चित शिवमोग्गा आईएसआईएस आतंकी साजिश मामले में तीसरे आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। बेंगलुरु स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने आरोपी आराफत अली को 6 साल के कठोर कारावास की सजा दी है।

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। आतंकी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने 2022 के चर्चित शिवमोग्गा आईएसआईएस आतंकी साजिश मामले में तीसरे आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। बेंगलुरु स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने आरोपी आराफत अली को 6 साल के कठोर कारावास की सजा दी है।

इससे पहले, नवंबर 2025 में इसी मामले में दो अन्य आरोपियों को भी 6-6 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। अब तक इस केस में तीन दोषियों को सजा मिल चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ ट्रायल जारी है।

जांच एजेंसी के अनुसार, आराफत अली जनवरी 2020 में गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर फरार हो गया था। बाद में सितंबर 2023 में जब वह नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचा, तब एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। एनआईए की जांच में सामने आया कि आराफत अली प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस का सक्रिय सदस्य था। वह भारत में इस संगठन की हिंसक विचारधारा को फैलाने की साजिश में शामिल था। एजेंसी के मुताबिक, वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और उन्हें शिवमोग्गा आईएसआईएस मॉड्यूल में भर्ती करने का काम करता था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने अन्य आरोपियों को मंगलुरु शहर में आईएसआईएस और अन्य आतंकी संगठनों, जैसे लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन में भड़काऊ ग्रैफिटी लिखने के लिए उकसाया। इस साजिश का मकसद अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच दुश्मनी पैदा करना और समाज में हिंसा व अशांति फैलाना था।

एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि आराफत अली एक ऑनलाइन आईएसआईएस हैंडलर के संपर्क में था। वह क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आतंकी फंड प्राप्त करता था और इसे अन्य आरोपियों के बीच बांटता था, जिससे आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

यह मामला सितंबर 2022 में कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। बाद में एनआईए ने केस अपने हाथ में लेकर 10 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने इस मामले में कुल 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें से तीन को अब तक सजा मिल चुकी है, जबकि बाकी 9 आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   21 April 2026 7:57 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story