तमिलनाडु भाजपा का आरोप, 'स्टालिन सरकार विश्वविद्यालयों को कर रही कंगाल'

तमिलनाडु भाजपा का आरोप, स्टालिन सरकार विश्वविद्यालयों को कर रही कंगाल
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने डीएमके सरकार पर बड़े विश्वविद्यालयों को संकट में डालने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री एमके स्टालिन सरकार ने अपनी नीतियों से इन्हें कंगाल कर दिया है।

चेन्नई, 30 नवंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने डीएमके सरकार पर बड़े विश्वविद्यालयों को संकट में डालने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री एमके स्टालिन सरकार ने अपनी नीतियों से इन्हें कंगाल कर दिया है।

एक तीखे बयान में, नागेंद्रन ने कहा कि वह उन खबरों से "हैरान और परेशान" हैं जिसमें मद्रास विश्वविद्यालय ने फंड की कमी के कारण पेंशन बकाया देने के लिए अपने कॉर्पस फंड से 95 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।

उन्होंने इसे "शर्मनाक स्थिति" बताते हुए आरोप लगाया, "डीएमके सरकार यूनिवर्सिटीज को दिवालिया बना रही है।"

नागेंद्रन ने कहा कि मद्रास यूनिवर्सिटी, जो भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, राज्य से "जरूरी" वित्तीय मदद न मिलने के कारण वर्षों से संघर्ष कर रही है।

उन्होंने कहा, "हर कोई जानता है कि फंड की कमी के कारण यूनिवर्सिटी जरूरी संख्या में प्रोफेसरों की भर्ती नहीं कर पाई है। अब, कॉर्पस फंड से मूल रकम (सिर्फ ब्याज नहीं) का इस्तेमाल पेंशन देने के लिए किया जा रहा है, ये दिखाता है कि संकट कितना गहरा है।"

उन्होंने कहा कि कॉर्पस फंड लंबे समय तक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए होते हैं, न कि वेतन और पेंशन जैसे रूटीन खर्चों को पूरा करने के लिए।

उन्होंने कहा, "अगर विश्वविद्यालय को मूल धन में कटौती करने के लिए मजबूर किया गया है, तो इसका साफ मतलब है कि बेसिक खर्चों के लिए भी कोई दूसरा फंड उपलब्ध नहीं है।"

नागेंद्रन ने दावा किया कि दूसरे विश्वविद्यालय में भी इसी तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि कामराज विवि और अन्नामलाई विवि की फैकल्टी बकाया वेतन और पेंशन भुगतान को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, और संस्थान एक ही तरह का जवाब दे रहे हैं—"कोई फंड उपलब्ध नहीं है।"

उन्होंने कहा, "यह अब तमिलनाडु की उच्च शिक्षा प्रणाली में बार-बार आने वाला संकट बन गया है।"

उन्होंने डीएमके सरकार की आलोचना की कि वह तमिलनाडु को शिक्षा क्षेत्र का बादशाह दिखाने वाले प्रचार अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि यूनिवर्सिटी को कथित तौर पर जरूरी फंड से वंचित रखा जा रहा है।

नागेंद्रन ने कहा, "हायर एजुकेशन को मजबूत करने के बजाय, डीएमके विश्वविद्यालयों को बर्बाद कर रही है, विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद कर रही है, और खोखले प्रचार के कामों में लगी हुई है। सरकार को शर्म आनी चाहिए।"

उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि ज्यादा नुकसान हो इससे पहले ही वो प्रभावी कदम उठा ले तो हालात बेहतर हो जाएंगे।

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Created On :   30 Nov 2025 3:07 PM IST

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