सूखे की स्थिति में किसानों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। राज्य सरकार राज्य में मौजूदा सूखे की स्थिति में किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अखिल भारतीय किसान सभा की मांगों पर सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार की सहायता से सूखे से होने वाली परेशानी को निश्चित रूप से कम किया जाएगा।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, कृषि मंत्री दत्तात्रेय भराणे और विधायक विनोद निकोले उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने संकटग्रस्त उपसा सिंचाई योजनाओं के ऋण माफ करने का निर्णय लिया है और इस निर्णय को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। सूखे से प्रभावित किसानों को 5,000 रुपए का अग्रिम भुगतान दिया जाएगा। इस प्रगति से किसानों को 'एनडीआरएफ' के मानदंडों से कहीं अधिक सहायता मिलेगी। सरकार की प्राथमिकता सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल टैंकर शुरू करना और चारा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें अधर में नहीं छोड़ेगी।
नमो शेतकरी महासन्मान निधी योजना की किश्तें किसानों को दी जाएंगी। सरकार नियमित रूप से फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपए का प्रोत्साहन अनुदान दे रही है। ऋण माफी के लिए गठित मंत्रिपरिषद इस अनुदान में वृद्धि पर चर्चा करेगी और आर्थिक स्थिति के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक के माध्यम से सभी बैंकों को पत्र भेजा जाएगा कि नए फसल ऋण देते समय सीआईबीएल को शर्त न बनाएं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुख्यमंत्री लड़की बहन योजना के तहत ई-केवाईसी पूरा कर चुकी महिलाओं को बकाया किश्तों का तत्काल भुगतान करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार नए लाभार्थियों के साथ-साथ आदिवासी क्षेत्रों की उन महिलाओं के बारे में भी सकारात्मक रूप से विचार करेगी जिन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराया है। महिलाओं के लिए योजनाएं लागू करने वाले राज्यों में महाराष्ट्र महिलाओं को अधिकतम लाभ प्रदान कर रहा है।
फसल बीमा के लिए पहले से लागू ट्रिगर को फिर से शुरू करने के संबंध में संबंधित विभाग के निर्णय की जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जनजातीय विकास निगम के माध्यम से शिशु हिर्दा की खरीद बहाल की जाए और इस उत्पाद को न्यूनतम समर्थन मूल्य में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया जाए।
सरकार विद्यालय पोषण कार्यकर्ताओं के लिए 2500 रुपए प्रति माह के मानदेय में 1000 रुपए की वृद्धि करने के प्रति सकारात्मक है। ग्रामीण विकास विभाग को पेसा गांवों में कार्यरत महिला पोषण कार्यकर्ताओं के मानदेय को सीधे उनके बैंक खातों में जमा करने के संबंध में जांच और कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित ग्राम सभाओं से चर्चा के बाद मौजूदा सरकारी निर्णयों को समेकित किया जाए और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए उचित सरकारी निर्णय लिए जाएं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि विभाग को ग्राम पंचायत खाते में मानदेय जमा करने के बजाय ग्राम रोजगार कार्यकर्ताओं के निजी बैंक खातों में जमा करने के मामले की जांच करनी चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए। निर्माण श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत लाभ योजनाओं का स्वरूप केंद्र सरकार के नए श्रम अधिनियम के अनुसार निर्धारित किया जाना चाहिए। सरकार उनके लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना शुरू करने के प्रति भी सकारात्मक है।
वर्धा जिले में मांग पत्र भरने के बावजूद कृषि पंपों के लिए बिजली कनेक्शन न मिलने के मामलों की जांच की जानी चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी निर्देश दिया कि सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप लगाने वाले किसानों की शिकायतों की भी विस्तृत जांच की जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मंदिर की जमीनों के सतबारा पर किसानों के नाम दर्ज करने के लिए राज्य स्तरीय जानकारी एकत्र की जा रही है। इस संबंध में किसान सभा के प्रतिनिधियों के साथ एक अलग बैठक आयोजित की जाएगी। इस कानून की मसौदा समिति में किसान सभा के प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
इनाम भूमि वाले मुस्लिम परिवारों के सतबारा पर वक्फ सट्टा प्रकार के अभिलेखों के संबंध में वक्फ अधिनियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। संभागीय आयुक्त को अधिकार प्रदान करने संबंधी अल्पसंख्यक विभाग की अधिसूचना के बाद प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी। राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि बंजर भूमि पर खेती करने वाले किसानों के मामले में, पात्रता की समय सीमा निर्धारित करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय से पुनः अनुरोध किया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) संतोष कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) संजय खंडारे, सचिव (कृषि) परिमल सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) लखमी गौतम, कृषि आयुक्त सूरज मंधारे, पूर्व विधायक जे. पी. गावित, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले, अध्यक्ष उमेश देशमुख, महासचिव डॉ. अजीत नवले आदि उपस्थित थे।
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