टाटानगर ट्रेनों की लेटलतीफी पर फूटा गुस्सा, विधायक सरयू राय की अगुवाई में कई संगठनों का धरना

टाटानगर ट्रेनों की लेटलतीफी पर फूटा गुस्सा, विधायक सरयू राय की अगुवाई में कई संगठनों का धरना
टाटानगर स्टेशन और चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों के घंटों विलंब से परिचालन के विरोध में मंगलवार को विधायक सरयू राय के आह्वान पर शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया। टाटानगर स्टेशन क्षेत्र में आयोजित इस धरने के माध्यम से आंदोलनकारियों ने रेल प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाओं की बहाली की मांग की।

जमशेदपुर, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। टाटानगर स्टेशन और चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों के घंटों विलंब से परिचालन के विरोध में मंगलवार को विधायक सरयू राय के आह्वान पर शहर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया। टाटानगर स्टेशन क्षेत्र में आयोजित इस धरने के माध्यम से आंदोलनकारियों ने रेल प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाओं की बहाली की मांग की।

धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि इस मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए जल्द ही 21 सदस्यीय एक सर्वदलीय और सर्वसंगठन समिति बनाई जाएगी।

राय ने चेतावनी दी कि यदि रेल प्रशासन ने यात्री ट्रेनों को समय पर नहीं चलाया तो जनता को मजबूर होकर मालगाड़ियों का चक्का जाम करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और रेल मंत्री से मिलकर इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाएगा। विधायक के इस आह्वान पर मारवाड़ी सम्मेलन, सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स, आजसू, विश्व हिंदू परिषद, आदिवासी समाज और मुंडा समाज सहित दर्जन भर संगठनों ने अपना समर्थन दिया।

संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि ट्रेनों के 4 से 5 घंटे लेट होने के कारण मजदूरों, मरीजों और छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे राजस्व के लालच में मालगाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है और पैसेंजर ट्रेनों को बियाबान में खड़ा कर दिया जाता है।

सरयू राय ने रेलवे द्वारा नई ट्रेनें शुरू करने के दावों को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि कोविड काल में बंद हुई पुरानी ट्रेनों को ही नई बताकर पेश किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि बीते पांच वर्षों में वंदे भारत के अलावा कोई प्रभावी नई सेवा शुरू नहीं हुई है।

उन्होंने चक्रधरपुर रेल मंडल की उपेक्षा पर भी सवाल उठाए। धरना स्थल को लेकर रेल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सुबह कुछ तनाव भी देखा गया, क्योंकि रातों-रात धरना स्थल बदल दिया गया था। हालांकि, विधायक के पहुंचने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया गया।

मौके पर पहुंचे सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने स्वीकार किया कि ट्रेनों के परिचालन में विलंब हो रहा है। उन्होंने विधायक को एक आधिकारिक पत्र सौंपते हुए आश्वासन दिया कि तकनीकी सुधारों के जरिए जल्द ही ट्रेनों को समयबद्ध करने का प्रयास किया जाएगा।

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Created On :   7 April 2026 6:42 PM IST

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