राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा खतरा: महाराष्ट्र साइबर ने नकली नोट के गोरखधंधे को बेनकाब कर डिजिटल डकैती गैंग का किया पर्दाफाश - 2 धराए

महाराष्ट्र साइबर ने नकली नोट के गोरखधंधे को बेनकाब कर डिजिटल डकैती गैंग का किया पर्दाफाश - 2 धराए
  • राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरे का खुलासा हुआ है
  • एआई रील्स से नकली नोट का लालच, मुलाकात में लूट
  • डिजिटल डकैती गैंग का किया पर्दाफाश हुआ

Mumbai News. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए चल रहे नकली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) के संगठित गोरखधंधे और उससे जुड़े डिजिटल डकैती मॉडल का महाराष्ट्र साइबर सेल ने बड़ा खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों राहुल अनिल पवार और योगिता हितेश भोसले को गिरफ्तार किया है, जबकि अब तक चार एफआईआर दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर एआई जनरेटेड रील्स और पोस्ट के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इन रील्स में नकली नोटों के बंडल, आकर्षक विजुअल्स और फिल्मी बैकग्राउंड म्यूजिक का इस्तेमाल कर कंटेंट को बेहद असली और भरोसेमंद दिखाया जाता था। कम पैसों में ज्यादा रकम देने का लालच देकर खासतौर पर युवाओं और जल्दी पैसा कमाने की चाह रखने वाले लोगों को टारगेट किया जाता था। हालांकि, पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि यह पूरा सेटअप महज एक धोखा था। आरोपियों के पास न तो नकली करेंसी थी और न ही कोई असली सौदा। यह एक सुनियोजित जाल था, जिसके जरिए लोगों को फंसाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया जाता था। गैंग का मॉडेस ऑपरेंडी बेहद शातिर था। इंस्टाग्राम पोस्ट और रील्स के जरिए डुप्लिकेट नोट बेचने का दावा किया जाता, फिर इच्छुक लोगों को व्हाट्सऐप नंबर के जरिए संपर्क करने को कहा जाता। डील फाइनल होने के बाद पीड़ितों को तय स्थान पर बुलाया जाता। जैसे ही लोग नकद पैसे लेकर पहुंचते, आरोपियों द्वारा उन्हें लूट लिया जाता। कई मामलों में पीड़ितों को डराने-धमकाने के लिए आरोपियों ने खुद को बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा बताया, जिससे वे पुलिस में शिकायत करने से भी हिचकिचाएं।

महाराष्ट्र साइबर अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सिर्फ धोखाधड़ी या लूट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार संगठित अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और संभावित आतंकी फंडिंग से भी जुड़े हो सकते हैं।नकली नोटों का प्रसार देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा माना जाता है।

साइबर सेल ने लगातार निगरानी के दौरान कई संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट्स की पहचान की थी, जो इस तरह के कंटेंट का प्रचार कर रहे थे। इसके बाद आईटी एक्ट 2000 की धारा 79(3)(बी) के तहत नोटिस जारी कर आपत्तिजनक सामग्री हटवाई गई, वहीं बीएनएसएस की धारा 94 के तहत अकाउंट संचालकों की जानकारी जुटाई गई। अब तक दर्ज चार एफआईआर में दो नोडल साइबर पुलिस स्टेशन, एक बुलढाणा जिले के जळगांव जामोद और एक जळगांव जिले के मुक्ताईनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(2), 318(4), 62 और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस को मिले तकनीकी इनपुट जैसे मोबाइल नंबर, लोकेशन और डिजिटल ट्रेल के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों, सप्लायर्स और लाभार्थियों की तलाश जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि यह गिरोह एक बड़े इंटर-स्टेट नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। महाराष्ट्र साइबर ने साफ किया है कि इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय ऐसे सभी संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम लोगों को चेतावनी दी गई है कि सस्ते में नकली नोट का लालच दरअसल लूट का जाल है और ऐसे किसी भी ऑफर से दूर रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।

Created On :   7 April 2026 8:04 PM IST

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