टीएमसी में असंतोष गहराया, बागी सांसद एनडीए की ताकत बढ़ाएंगे संजय निरुपम

टीएमसी में असंतोष गहराया, बागी सांसद एनडीए की ताकत बढ़ाएंगे संजय निरुपम
शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता संजय निरुपम ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी इंडिया गठबंधन की आंतरिक राजनीति को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के भीतर गंभीर असंतोष और विद्रोह की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है और आने वाले समय में टीएमसी के बागी एनडीए में शमिल होंगे।

मुंबई, 14 जून (आईएएनएस)। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता संजय निरुपम ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी इंडिया गठबंधन की आंतरिक राजनीति को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के भीतर गंभीर असंतोष और विद्रोह की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है और आने वाले समय में टीएमसी के बागी एनडीए में शमिल होंगे।

उन्होंने टीएमसी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व शैली के कारण पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है। उनके अनुसार, टीएमसी के कई सांसद और विधायक नेतृत्व के निर्णयों से असंतुष्ट हैं और लगातार शिकायत कर रहे हैं कि उनकी बातों को नहीं सुना जा रहा है।

निरुपम ने दावा किया कि टीएमसी के भीतर हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सांसदों का एक बड़ा समूह अलग रुख अपना सकता है। उन्होंने कहा कि पहले चर्चा थी कि टीएमसी के सांसदों की संख्या 18 या 19 से अधिक नहीं हो पाएगी, लेकिन अब नए राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते यह संख्या बदलती दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई वरिष्ठ नेता पार्टी से असंतुष्ट हैं और एक अलग गुट बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि टीएमसी के लगभग 22 सांसदों के एक समूह द्वारा नेतृत्व के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में इस विषय को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है और आने वाले दिनों में ये सांसद भाजपा में शामिल होंगे और पार्टी की ताकत बढ़ाएंगे।

शिवसेना प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी के भीतर जो स्थिति बन रही है, वह किसी संगठनात्मक असंतोष का सामान्य रूप नहीं, बल्कि गहरी राजनीतिक दरार का संकेत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद की कमी है, उसी के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीतिक दलों में नेतृत्व को अपने सांसदों और विधायकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह संवाद टूट जाता है तो पार्टी में असंतोष और विभाजन की स्थिति उत्पन्न होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रीय दलों को इससे सीख लेनी चाहिए।

संजय निरुपम ने कहा कि उद्धव ठाकरे चाहे जितनी बैठकें अपने सांसदों के साथ कर लें, लेकिन वास्तविकता यह है कि उनकी पार्टी के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह तृणमूल कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर असंतोष और विरोध की स्थिति बनी हुई है, वैसी ही स्थिति उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट में भी देखने को मिल सकती है।

उन्होंने इंडिया गठबंधन को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि गठबंधन के भीतर भी मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी और वाम दलों के बीच कई राज्यों में राजनीतिक टकराव सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस और वाम मोर्चा के बीच लंबे समय से राजनीतिक संघर्ष जारी है।

निरुपम ने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन केवल राजनीतिक अवसरवाद के आधार पर खड़ा है और इसके भीतर वैचारिक एकता का अभाव है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अलग-अलग मुद्दों पर गठबंधन के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते नजर आते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल कई मामलों में एक-दूसरे के विरोधी रुख अपनाते हैं, जिससे गठबंधन की एकता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती और आने वाले समय में इंडिया गठबंधन और अधिक बिखर सकता है।

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Created On :   14 Jun 2026 7:31 PM IST

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