यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ढांचे पर बोला हमला, सिजरान रिफाइनरी को बनाया निशाना

यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ढांचे पर बोला हमला, सिजरान रिफाइनरी को बनाया निशाना
रूस के समारा इलाके में मौजूद सिजरान रिफाइनरी पर शन‍िवार रात जबरदस्त हमला हुआ। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के समारा क्षेत्र में स्थित सिजरान ऑयल रिफाइनरी को ड्रोन से न‍िशाना बनाया है। यूक्रेन के अनुसार, यह रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरियों में से एक है। वहीं, हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन अभी जारी है।

नई द‍िल्‍ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। रूस के समारा इलाके में मौजूद सिजरान रिफाइनरी पर शन‍िवार रात जबरदस्त हमला हुआ। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के समारा क्षेत्र में स्थित सिजरान ऑयल रिफाइनरी को ड्रोन से न‍िशाना बनाया है। यूक्रेन के अनुसार, यह रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरियों में से एक है। वहीं, हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन अभी जारी है।

यूक्रेन रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन की अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्सेज (यूएसएफ) ने कहा है कि उसने शन‍िवार-रव‍िवार दरम‍ियानी रात के रूस के समारा क्षेत्र में स्थित सिजरान ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया। हमले से हुए नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है।

यूक्रेन रक्षा मंत्रालय के सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट के अनुसार, यूक्रेन का दावा है कि उसने रूस की सिजरान ऑयल रिफाइनरी पर बड़े ड्रोन हमले क‍िए। यह रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी रोजनेफ्ट की प्रमुख रिफाइनरियों में से एक है और यहां रूस के कुल कच्चे तेल का लगभग तीन प्रत‍िशत रिफाइन किया जाता है।

'कीव पोस्ट' की र‍िपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के बिना पायलट वाले हवाई वाहनों (यूएवी) ने रूस के कब्जे वाली कई जगहों को निशाना बनाया। इससे समारा इलाके में सिजरान ऑयल रिफाइनरी और डॉन-अजोव नहर में एक टैंकर में आग लग गई।

यह रोजनेफ्ट की एक बड़ी सुविधा है जो हर साल 8.5 मिलियन टन तक तेल प्रोसेस करती है। साथ ही, रोस्तोव इलाके के गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने नहर में एक खाली टैंकर पर ड्रोन हमले की पुष्टि की और दावा किया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने इलाके में 20 से ज्‍यादा ड्रोन मार गिराए।

'न्यूज डॉट एज' की र‍िपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन की सेना के जनरल स्टाफ ने बताया क‍ि रूस के समारा इलाके में स्थित सिजरान रिफाइनरी में कई धमाके हुए और उसके बाद बड़े पैमाने पर आग लग गई। इस इलाके की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी सुविधाओं में से एक होने के नाते, इस प्लांट की सालाना क्षमता लगभग 8.5 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल प्रोसेस करने की है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह मॉस्को के लिए एक अहम सुविधा है, जो ऑटोमोटिव गैसोलीन, डीजल और जेट फ्यूल बनाती है, जिनका इस्तेमाल खास तौर पर रूसी सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है।

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Created On :   12 July 2026 7:09 PM IST

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