यूपी एसटीएफ और इनामी बदमाश के बीच मुठभेड़, घायल आसिफ की इलाज के दौरान मौत

यूपी एसटीएफ और इनामी बदमाश के बीच मुठभेड़, घायल आसिफ की इलाज के दौरान मौत
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट को मंगलवार सुबह बड़ी सफलता मिली। 7 जुलाई 2026 की सुबह अंबेडकरनगर जिले के बिवाना थाना क्षेत्र में एसटीएफ टीम की एक कुख्यात अपराधी से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान आसिफ उर्फ विक्की छैमार पुत्र बाबू उर्फ मजहर, निवासी मकनपुर, थाना बिठूर/बिल्हौर क्षेत्र, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई है।

नोएडा, 7 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट को मंगलवार सुबह बड़ी सफलता मिली। 7 जुलाई 2026 की सुबह अंबेडकरनगर जिले के बिवाना थाना क्षेत्र में एसटीएफ टीम की एक कुख्यात अपराधी से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान आसिफ उर्फ विक्की छैमार पुत्र बाबू उर्फ मजहर, निवासी मकनपुर, थाना बिठूर/बिल्हौर क्षेत्र, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार आसिफ लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह कई राज्यों में सक्रिय एक खतरनाक डकैती गिरोह का सदस्य था और उसके खिलाफ डकैती, हत्या तथा अन्य गंभीर अपराधों के 21 से अधिक मुकदमे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में दर्ज हैं। एसटीएफ के मुताबिक, आसिफ अपने गिरोह के साथ सुनियोजित तरीके से घरों में घुसकर लोगों को बंधक बनाता था। इसके बाद लाखों रुपये की नकदी और जेवरात लूटता था तथा विरोध करने पर लोगों की बेरहमी से हत्या कर देता था।

उसकी आपराधिक गतिविधियों के कारण वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की सूची में शामिल था। मुठभेड़ स्थल से एसटीएफ ने 32 बोर की पिस्टल, 12 बोर की पौनिया, भारी मात्रा में कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद हथियारों और अन्य सामान को कब्जे में लेकर पुलिस ने आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आसिफ कई सनसनीखेज वारदातों में वांछित था। वर्ष 2013 में सुल्तानपुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में अपने साथियों के साथ एक घर में घुसकर डकैती के दौरान हत्या की घटना को अंजाम देने का आरोप उस पर था।

इसके बाद वर्ष 2014 में जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में उसने अपने गैंग के साथ एक परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूट ली थी। इस दौरान परिवार के पांच लोगों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें स्वाति और सुमन की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। इसके अलावा वर्ष 2015 में कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में डकैती के दौरान अवनि कुमार टैगोर के माता-पिता की हत्या करने तथा उसी वर्ष मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में महावीर सिंह के घर में डकैती डालने, उनकी पुत्रवधू को गंभीर रूप से घायल करने और उसी रात पांच अन्य घरों में भी डकैती की वारदातों में उसका नाम सामने आया था।

वर्ष 2021 में कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में तासीम नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में भी वह आरोपी था। एसटीएफ का कहना है कि आसिफ वर्षों से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और कई जघन्य मामलों में वांछित था। उसकी मौत के साथ ही प्रदेश के कई चर्चित डकैती और हत्या के मामलों के एक अहम आरोपी का अंत हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

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Created On :   7 July 2026 11:29 AM IST

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