उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश में देश का पहला गैर-जीएमओ उच्‍च गुणवत्ता पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया

उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश में देश का पहला गैर-जीएमओ उच्‍च गुणवत्ता पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में देश का पहला गैर-जीएमओ उच्च-गुणवत्ता पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया और इसे कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उपराष्‍ट्रपति ने इस अवसर पर आंध्र प्रदेश और सात अन्य राज्यों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसानों और गॉरमेट पॉपकॉर्निका से जुड़े भागीदारों को भी सम्मानित किया।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में देश का पहला गैर-जीएमओ उच्च-गुणवत्ता पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया और इसे कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उपराष्‍ट्रपति ने इस अवसर पर आंध्र प्रदेश और सात अन्य राज्यों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसानों और गॉरमेट पॉपकॉर्निका से जुड़े भागीदारों को भी सम्मानित किया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि किसान राष्ट्र की रीढ़ हैं और कृषि ने देश की सभ्यता और सांस्कृतिक जीवन को आकार दिया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्वदेशी बीजों के विकास के महत्व पर जोर दिया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत वर्षों से उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्के के लिए आयातित हाइब्रिड तकनीक पर निर्भर रहा है। उन्होंने कहा कि यह नई स्वदेशी हाइब्रिड तकनीक ऐसी निर्भरता को कम करने और विदेशी मुद्रा के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने गॉरमेट पॉपकॉर्निका और किसानों को देश में एक ऐसा बीज विकसित करने के लिए बधाई दी, जिसमें वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है।

उन्होंने केंद्र सरकार की पीएम-किसान, पीएम फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन और नमो ड्रोन दीदी आदि किसान-केंद्रित पहलों की सराहना की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में दूरदर्शी पहलों की भी प्रशंसा की, जिनमें रायथु बाजार, बागवानी एवं प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहन और किसान-केंद्रित सहायता प्रणाली शामिल हैं।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किसान-उद्यम साझेदारी के व्यापक स्वरूप का उल्‍लेख करते हुए कहा कि आठ राज्यों के 17,500 से अधिक किसान, लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर खेती करते हुए गॉरमेट पॉपकॉर्निका के सफर का हिस्सा बने हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश के स्थानीय उद्यम से पॉपकॉर्न मक्का प्रसंस्करण के एक प्रमुख उद्यम बनने तक श्री एसबीपी पट्टाभि रामाराव और गॉरमेट पॉपकॉर्निका की यात्रा की सराहना की, जिससे हजारों किसान परिवारों के लिए बाजार तक पहुंच और आय के अवसर मजबूत हुए हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों द्वारा जोती गई मिट्टी से, वैज्ञानिकों और उद्यमियों द्वारा परिष्कृत बीजों से मजबूत होती आत्मनिर्भरता से विकसित भारत का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि मुसुनुरु पहल यह दर्शाती है कि कैसे नवाचार, उद्यमशीलता और किसान साझेदारी एक मजबूत, अधिक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि क्षेत्र का निर्माण कर सकती है।

उपराष्ट्रपति ने गॉरमेट पॉपकॉर्निका फैक्ट्री और कोल्ड स्टोरेज का भी दौरा किया, जहां उन्हें मक्का प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और भंडारण के बारे में जानकारी दी गई।

इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री नारा लोकेश, किंजरापु अचन्नाइडु और कोलुसु पार्थसारथी के साथ-साथ गॉरमेट पॉपकॉर्निका के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   24 Aug 2026 9:01 PM IST

Tags

Next Story