उत्तर प्रदेश राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भातखंडे विश्वविद्यालय में दिया रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश
लखनऊ, 18 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन को शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र सुविधाओं और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को लेकर कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावासों में सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने और शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न संकायों, विभागों, संचालित पाठ्यक्रमों, शोध कार्यों, रिक्त पदों, छात्र नामांकन, अधोसंरचना और पुस्तकालय में उपलब्ध दुर्लभ ग्रंथों के डिजिटलीकरण की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही छात्रावास व्यवस्था, निर्माणाधीन कार्यों, सामाजिक गतिविधियों, ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कार्यशाला, पुरा छात्र प्रकोष्ठ और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कला और संस्कृति की शिक्षा को समय की आवश्यकता के अनुरूप रोजगार और कौशल से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने संगीत एवं अन्य कलाओं में अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ करने और ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कार्यशालाओं में भी प्रमाणपत्र प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए समझौता ज्ञापनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि केवल समझौते करने से नहीं, बल्कि उनके परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रेरित करने, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण करने और छायाचित्रों को विवरण सहित संकलित करने के निर्देश भी दिए।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से रिक्त पदों को शीघ्र भरने, पुरा छात्रों का विस्तृत विवरण तैयार करने और सभी व्यवस्थाओं एवं नियमावलियों को प्रभावी रूप से लागू करने को कहा। राज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय से जुड़े विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
बैठक में राज्यपाल ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की तैयारियों को गंभीरता से लेने, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ को सशक्त बनाने तथा पाठ्यक्रमों में नैतिक शिक्षा को शामिल करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कला ईश्वर प्रदत्त प्रतिभा है, इसलिए उसकी गुणवत्ता और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
-- आईएएनएस
विकेटी/वीसी
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   18 May 2026 9:19 PM IST












