उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव उम्मीदवार श्रुति गंगवार ने कहा, महिला सशक्तीकरण के संदेश को आगे ले जाना है
लखनऊ, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश 8 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद श्रुति गंगवार ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के संदेश को आगे ले जाना है।
आईएएनएस से बातचीत में श्रुति गंगवार ने कहा कि अभी हमें महिला सशक्तीकरण के उस मजबूत संदेश को आगे बढ़ाना है, जो हमारी पार्टी ने दिया है। अपनी नीतियां बनाने और सभी फैसलों में हम महिलाओं की आवाज और उनके हितों को प्राथमिकता देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। राज्यपाल संतोष गंगवार की बरेली के लिए समर्पित सेवा की विरासत को आगे बढ़ाना है।
राज्यसभा उम्मीदवार प्रियंका सिंह रावत ने कहा कि मैं केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व का दिल से धन्यवाद करना चाहती हूं। एक पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर मैंने कई जिम्मेदारियां निभाई हैं और संगठन से बहुत कुछ सीखा है। मैंने केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व, दोनों से ही सीखा है। मुझ पर जो भरोसा दिखाया गया है, उसे पर खड़ी उतरूंगी।
राज्यसभा उम्मीदवार विद्यासागर सोनकर ने कहा कि मैं पार्टी का एक सामान्य कार्यकर्ता हूं। मैंने बूथ अध्यक्ष, पार्षद, जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव के तौर पर काम किया है। मैंने पार्टी के ओबीसी मोर्चे के जिला और प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है। मैं उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी सामाजिक सद्भाव के सिद्धांतों और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा पर मजबूती से खड़ी है।
राज्यसभा उम्मीदवार प्रकाश पाल ने कहा कि ईश्वर की कृपा से मैं सनातनी हूं और अपने देवी-देवताओं में आस्था रखता हूं। मैं अपनी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व, प्रधानमंत्री मोदी, नितिन नवीन, अमित शाह, राजनाथ सिंह और राज्य नेतृत्व का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं। उन्होंने मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को, जो एक सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आता है, यह अवसर दिया है।
उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि पीडीए की बात करने वालों को पीडीए का असली परिभाषा बतानी चाहिए। अखिलेश यादव और पूरा इंडिया गठबंधन 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने' देख रहा है। 2024 के बाद जहां भी जनता ने उनके खिलाफ वोट किया है, वहां वे न सिर्फ हारे हैं, बल्कि बुरी तरह हारे हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने खुद कहा था कि अगर वे इस बार हार गए, तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। इनकी किसी भी बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
राज्यसभा उम्मीदवार और इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील राधाकांत ओझा ने कहा कि जहां तक मेरी बात है, मैं बूथ स्तर से ही पार्टी का कार्यकर्ता रहा हूं और पार्टी ने मुझे जो भी जिम्मेदारी दी है, मैं उसे पूरा करूंगा। फिलहाल हमारी प्राथमिकता आगामी 2027 के चुनाव हैं। हमारी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय जनता पार्टी दो-तिहाई बहुमत से जीते।
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Created On :   5 Oct 2026 6:58 PM IST












