उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए एक नींव के रूप में काम करेगा मनु गौड़

उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए एक नींव के रूप में काम करेगा मनु गौड़
उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य मनु गौड़ ने कहा कि उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए एक नींव के रूप में काम करेगा।

देहरादून, 17 मार्च (आईएएनएस)। उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य मनु गौड़ ने कहा कि उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए एक नींव के रूप में काम करेगा।

मनु गौड़ का यह बयान ऐसे समय में आया, जब गुजरात में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित उच्च-स्तरीय समिति ने अपनी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।

देहरादून में यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य मनु गौड़ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “सबसे पहली बात यह है कि जैसा कि आप सभी और मीडिया हमेशा से कहते आए हैं कि उत्तराखंड का यूसीसी अन्य राज्यों के लिए, या जब भी देश में यूसीसी लागू होगा, एक नींव का काम करेगा। यह एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा। आज जहां तक मुझे जानकारी है, इस बात की पूरी तरह से पुष्टि हो चुकी है। उत्तराखंड यूसीसी लंबे विचार-विमर्श और जनसंवाद कार्यक्रमों के बाद तैयार किया गया। इसे लागू हुए एक वर्ष से अधिक का समय हो गया है और यह सफलतापूर्वक लागू भी है।”

उन्होंने आगे कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गुजरात यूसीसी में भी वही प्रावधान दिए गए हैं जो उत्तराखंड यूसीसी में हैं। यहां विवाह से लेकर तलाक तक तीन अध्याय हैं, और ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ को लेकर भी प्रावधान हैं। इसी प्रकार के तीनों अध्याय वहां की समिति ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। इसके अलावा विवाह की आयु, विशेषकर लड़कियों के लिए, जो उत्तराखंड में निर्धारित की गई है, वही गुजरात में भी प्रस्तावित है। संपत्ति में महिलाओं के अधिकार, विवादों का पंजीकरण—ये सभी प्रावधान यहां की तरह वहां भी शामिल किए गए हैं। हलाला जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने और इसे दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान जो उत्तराखंड में किया गया है, वहां भी प्रस्तावित है।”

मनु गौड़ ने कहा, “हमें गर्व है कि देवभूमि उत्तराखंड से यूसीसी की जो शुरुआत हुई है, वह पूरे देश को अवश्य प्रभावित करेगी। गुजरात के यूसीसी से यह बात और स्पष्ट हो गई है।”

उन्होंने आगे कहा, “जैसे गुजरात ने यूसीसी को लेकर कदम उठाया है, मुझे विश्वास है कि अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

मनु गौड़ ने कहा कि हमारी अभिलाषा है और हमें पूरी उम्मीद है कि भारत सरकार राष्ट्रव्यापी एक केंद्रीय कानून के रूप में यूसीसी जल्द ही लाएगी।

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Created On :   17 March 2026 7:11 PM IST

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