विश्व पोलियो दिवस 2026 बच्चों के स्वस्थ भविष्य की ओर एक कदम, जानें टीकाकरण का महत्व

विश्व पोलियो दिवस 2026 बच्चों के स्वस्थ भविष्य की ओर एक कदम, जानें टीकाकरण का महत्व
पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो पोलियोमाइलाइटिस नामक वायस से मुख्य रूप से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। यह नर्वस सिस्टम पर हमला करती है और बच्चों में स्थायी पक्षाघात (पैरालिसिस), जिसे लकवा भी कहते हैं, का कारण बन सकती है। मौजूदा समय तक इसका इलाज नहीं है, लेकिन टीका लगवाकर इसे रोका जा सकता है।

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो पोलियोमाइलाइटिस नामक वायस से मुख्य रूप से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। यह नर्वस सिस्टम पर हमला करती है और बच्चों में स्थायी पक्षाघात (पैरालिसिस), जिसे लकवा भी कहते हैं, का कारण बन सकती है। मौजूदा समय तक इसका इलाज नहीं है, लेकिन टीका लगवाकर इसे रोका जा सकता है।

इसलिए पोलियो टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और दुनिया को पोलियो मुक्त बनाने के प्रयासों के दिशा में प्रत्येक वर्ष 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व पोलियो दिवस की थीम "एक दिन, एक लक्ष्य: पोलियो का सर्वथा उन्मूलन" है।

विश्व पोलियो दिवस की स्थापना 'रोटरी इंटरनेशनल' द्वारा अमेरिकी विषाणु विज्ञानी (वायरोलॉजिस्ट) डॉ. जोनास साल्क के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में की गई थी, जिन्होंने ही पोलियो का पहला सफल टीका विकसित किया था। पोलियो के मामले को लेकर भारत की स्थिति की बात करें, तो 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आधिकारिक तौर पर भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था। हालांकि पोलियो का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए जागरूकता और टीकाकरण अभियान लगातार जारी हैं।

भारत में पोलियो का अंतिम मामला वर्ष 2011 में सामने आया था। देश को पोलियो मुक्त बनाने में 'दो बूंद जिंदगी की' अभियान ने अहम भूमिका निभाई। इस अभियान के जरिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) दी जाती है।

देश में बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दो प्रकार की टीकाएं उपयोग में लाई जाती हैं। पहली है इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (आईपीवी), जिसे जन्म के बाद दिया जाता है ताकि भविष्य में पोलियो का खतरा न रहे। दूसरी है ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी), जो बच्चों को पिलाई जाती है।

प्रत्येक वर्ष विश्व पोलियो दिवस हमें याद दिलाता है कि बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना, साफ-सफाई बनाए रखना और जन जागरूकता को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है।

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