वोट चोरी आरोप बेबुनियाद, आंदोलन करके सरकार नहीं बदली जा सकती केंद्रीय मंत्री आठवले

वोट चोरी आरोप बेबुनियाद, आंदोलन करके सरकार नहीं बदली जा सकती केंद्रीय मंत्री आठवले
पिंक सिटी प्रेस क्लब के 35वें स्थापना दिवस का तीन दिवसीय उत्सव आज संपन्न हुआ। इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले शामिल हुए। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश द्वारा के इस्तीफे मांग को लेकर घेरा।

जयपुर, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। पिंक सिटी प्रेस क्लब के 35वें स्थापना दिवस का तीन दिवसीय उत्सव आज संपन्न हुआ। इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले शामिल हुए। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश द्वारा के इस्तीफे मांग को लेकर घेरा।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने आईएएनएस से बात करते हुए वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में बहुमत सरकार बदलता है। अनेक साल तक कांग्रेस पार्टी सत्ता में रही। 2024 में एनडीए की करीब 400 सीट आनी चाहिए थी, लेकिन बहुत कम आईं। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की सीटें काफी बढ़ गईं, लेकिन हमने ऐसा आरोप नहीं लगाया कि वोट चोरी हुई। जहां पर हमारी सरकार आती है और हमें ज्यादा वोट मिलते हैं, वहां पर विपक्ष वोट चोरी का आरोप लगाती है।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "लोग जिसे चाहते हैं, उसे सरकार बनाने का अधिकार है। नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला है। पीएम मोदी अच्छा काम करने वाले इंसान हैं। हमें पूरा विश्वास है कि 2029 में भी हमारी ही सरकार आएगी।"

आठवले ने कहा, "विपक्ष के पास लोकतांत्रिक अधिकार है कि वे अपनी सरकार लाने की कोशिश कर सकते हैं और वोटर्स के पास जा सकते हैं, लेकिन चुनाव आयोग को टारगेट नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग को मतदाताओं की सही सूची बनानी चाहिए, जिससे हम सहमत हैं। हर वोटर को वोटिंग करने का अधिकार है, उन्हें छीनना नहीं चाहिए। इसके लिए विपक्ष को सुझाव देने की आवश्यकता है। विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगने से कोई फायदा नहीं है।"

उन्होंने कहा, "विपक्ष के पास आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन बांग्लादेश की तरह आंदोलन करके एकदम से सरकार नहीं बदली जा सकती। श्रीलंका और नेपाल में ऐसा हुआ, लेकिन भारत में यह संभव नहीं है। आंदोलन करने से सरकार नहीं बदलती। यहां पर संविधान का राज है।"

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :  

Tags

Next Story