वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की चार मंजिला आवास से गिरने से हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की चार मंजिला आवास से गिरने से हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस
मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की कथित तौर पर एक इमारत की चौथी मंजिल से कूदने से मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिटी राजीव कुमार सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टता मामला चार मंजिला आवास से स्वयं कूदने का है। फिलहाल, सबूत जुटाते हुए आगे की जांच जारी है।

मथुरा, 26 सितंबर (आईएएनएस)। मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की कथित तौर पर एक इमारत की चौथी मंजिल से कूदने से मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिटी राजीव कुमार सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टता मामला चार मंजिला आवास से स्वयं कूदने का है। फिलहाल, सबूत जुटाते हुए आगे की जांच जारी है।

यह घटना वराह घाट इलाके के गुरु कृपा कुंज में हुई। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे की घटना थी। इसमें निवास स्थान पर रहने वाले रसिक बिहारी शरण, जिनका वास्तविक नवाम दीपक लोधी है, मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वे प्रेमानंद महाराज जी के पास एक साधक के रूप में रहते थे। उनकी साधकों के चार मंजिला आवास से गिरने से मौत की सूचना मिली थी। इस पर तत्काल पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची।

एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने साधकों के आवास की जांच की और मोबाइल फोन के फॉरेंसिक सबूत जुटाए गए। परिवार के साथ भी जबलपुर से आ चुकी हैं। पंचनामा की कार्यवाही के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि एक प्रार्थना पत्र भी पुलिस को प्राप्त हुआ है। इसके आधार पर जांच करके आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एसपी सिटी ने बताया कि प्रथम दृष्टता मामला चार मंजिला इमारत से स्वयं कूदने का है। किन परिस्थितियों और मानसिक स्तर पर यह कदम उठाया गया, ये जांच के विषय हैं। पुलिस सबूत जुटाते हुए कार्रवाई कर रही है।

उधर, प्रेमानंद महाराज के साधक के परिजन मथुरा पहुंचे हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि हमें फोन पर दीपक (रसिक बिहारी शरण) के गिरने और अस्पताल में इलाज की सूचना दी गई थी। हम लोग रात करीब 3 बजे मथुरा पहुंचे थे।

परिजन ने बताया कि हम लोग पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए थे। वहां लोगों ने हमें कुछ नहीं बताया था। हमें सिर्फ बाहर बैठकर इंतजार करने के लिए कहा था। सुबह 9 बजे तक हम लोग बाहर ही बैठे रहे, लेकिन हमें कोई जानकारी नहीं दी गई। वहां से निकलने के बाद हम अस्पताल आए।

उन्होंने बताया कि दीपक करीब दो साल से प्रेमानंद महाराज के आश्रम में रह रहे थे। दीपक के 'गुरु दक्षिणा' लेने के बाद से कभी परिवार के सदस्यों को मिलने नहीं दिया गया। उनसे फोन पर भी बात नहीं होती थी, क्योंकि उनका फोन ले लिया गया था।

साधक रसिक बिहारी शरण की बहन ने आईएएनएस को बताया कि हमें फोन पर यह बोला गया था कि दीपक गिर गए हैं। उनका ऑपरेशन हो रहा है, आप जल्दी आ जाएं। इसके बाद हम लोग यहां पहुंचे हैं।

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Created On :   26 Sept 2026 2:34 PM IST

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