'चीजों को मुश्किल बनाने की जरूरत नहीं है,' ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मुकाबले को तैयार शेफाली वर्मा

चीजों को मुश्किल बनाने की जरूरत नहीं है, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मुकाबले को तैयार शेफाली वर्मा
विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 4 मुकाबलों में भारत की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा 36.25 की औसत के साथ 145 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतकीय पारियां भी खेलीं। शेफाली ने मौजूदा टूर्नामेंट में बेहतर रन बनाने का श्रेय अपनी बैटिंग को आसान बनाने के फैसले को देते हुए बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद अपनी सोच में बदलाव करने से उन्हें ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध भारत के अहम आखिरी ग्रुप-स्टेज मैच से पहले ज्यादा आजादी के साथ खेलने में मदद मिली है।

नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 4 मुकाबलों में भारत की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा 36.25 की औसत के साथ 145 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतकीय पारियां भी खेलीं। शेफाली ने मौजूदा टूर्नामेंट में बेहतर रन बनाने का श्रेय अपनी बैटिंग को आसान बनाने के फैसले को देते हुए बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद अपनी सोच में बदलाव करने से उन्हें ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध भारत के अहम आखिरी ग्रुप-स्टेज मैच से पहले ज्यादा आजादी के साथ खेलने में मदद मिली है।

'ग्रुप-ए' में शामिल भारतीय टीम 4 में से 3 मैच जीतकर प्वाइंट्स टेबल में दूसरे पायदान पर है, जबकि अपने शुरुआती चारों मैच जीतने के साथ ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर है। पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीम खिताबी रेस से बाहर है, जबकि साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश फिलहाल इस दौड़ में बनी हुई है।

सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने के लिए भारतीय टीम का यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी है। इस अहम मैच से पहले शेफाली ने अपनी बल्लेबाजी के तरीके, गेंदबाजी की जिम्मेदारियों, भारत की फील्डिंग और छह बार की चैंपियन टीम के खिलाफ पिछली जीत से टीम को मिले आत्मविश्वास पर भी बात की।

सलामी बल्लेबाज ने कहा कि उन्हें एहसास हुआ कि टूर्नामेंट की शुरुआत में ज्यादा प्लानिंग उन्हें रोक रही थी, और पाकिस्तान के मैच के बाद उन्होंने अपना तरीका बदल लिया।

शेफाली ने 'जियोस्टार' से कहा, "मेरी बल्लेबाजी में कई चीजों में सुधार हुआ है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले, मैं बहुत ज्यादा सोच रही थी। बहुत ज्यादा प्लानिंग कर रही थी कि पहली गेंद कैसे खेलूंगी, दूसरी गेंद पर कौन-सा शॉट खेलूंगी, लेकिन उस मैच के बाद, मुझे एहसास हुआ कि मुझे चीजों को मुश्किल बनाने की जरूरत नहीं है। मुझे बस इसे आसान रखना है। जब मैं बल्लेबाजी करती हूं, तो गेंद को देखती हूं और उसके हिसाब से खेलती हूं। मैं बहुत आगे की योजना नहीं बनाती। इससे मुझे ज्यादा आजादी से रन बनाने में मदद मिली है। उस बदलाव की वजह से, मुझे लगता है कि अब मैं अच्छा स्कोर कर पा रही हूं। मैं खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डाल रही हूं। मैं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मैच में भी इसी तरीके को जारी रखने की कोशिश करूंगी।"

सलामी बल्लेबाज ने बताया कि सबसे बड़ी सीख यह रही है कि कब अटैक नहीं करना है और इसके बजाय पारी को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने देना है। उन्होंने कहा, "अगर मेरे शॉट्स ठीक से नहीं लग रहे होते, तो मैं जबरदस्ती नहीं करती। मैं सिंगल्स लेकर स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाती रहती हूं। मुझे लगता है कि बैटिंग में चीजों को मुश्किल नहीं बनाना चाहिए। इसे आसान बनाए रखें, सिंगल्स लें, स्ट्राइक रोटेट करें। अगर गेंद मेरे हिटिंग जोन में होती है, तो मैं उस पर शॉट खेलती हूं। वर्ना, मैं अच्छी गेंदों का सम्मान करती हूं और एक-दो रन लेने की कोशिश करती हूं। यही तरीका मैंने समय के साथ सीखा है। हर गेंद पर हिट करने की कोशिश न करें। शांत रहें, गेंद को देखें और उसके हिसाब से प्रतिक्रिया करें। मैंने अब तक जो कुछ भी सीखा है, उसमें यही समझा है।"

ओपनिंग बैटिंग के अलावा, शेफाली ने कहा कि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गेंदबाजी में उनकी भूमिका साफतौर पर तय कर दी है, जिससे उन्हें उसी के अनुसार तैयारी करने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा, "हरमन दी ने मेरी भूमिका बहुत साफ रखी है। उन्होंने मुझे बताया कि मुझे पावर-प्ले में गेंदबाजी करनी होगी। इसलिए, मैं नेट्स में भी उस पर काम करती हूं। मैं नई गेंद से गेंदबाजी करती हूं, सही जगहों पर गेंद डालने पर ध्यान देती हूं और गेंद को स्टंप्स के आस-पास रखने की कोशिश करती हूं। बतौर ओपनर मुझे पता है कि अगर आप स्टंप्स के बाहर गेंदबाजी करती हैं, तो आप बल्लेबाज को रन बनाने का मौका देती हैं। इसलिए, मैं हमेशा एक ओपनर के तौर पर अपनी सोच के हिसाब से गेंदबाजी करने की कोशिश करती हूं कि कौन-सी लाइन और लेंथ मुझे परेशान करेगी।"

भारतीय टीम 28 जून को अपने अंतिम लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस वर्ल्ड कप में एक भी मैच नहीं हारी है। शेफाली ने विरोधी टीम की काबिलियत को माना, लेकिन कहा कि उनके खिलाफ हालिया सफलता से भारत को भरोसा मिला है।

शेफाली ने कहा, "हर कोई जानता है कि ऑस्ट्रेलिया एक विश्व-स्तरीय टीम है, लेकिन ऐसा नहीं है कि हमने उन्हें पहले कभी नहीं हराया। हमने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज के दौरान उन्हें मात दी थी। इससे हमें आत्मविश्वास मिलता है। हम वर्षों से उनके खिलाफ खेल रहे हैं। हम उनके गेंदबाजों, उनकी खूबियों और उनकी योजनाओं को जानते हैं। इसलिए, हम चीजों को आसान रखेंगे। आप जितना ज्यादा सोचेंगे, चीजें उतनी ही मुश्किल होती जाएंगी।"

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Created On :   27 Jun 2026 6:52 PM IST

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