यूट्यूब पर 1.7 अरब से ज्यादा लोगों ने फीफा विश्व कप से जुड़ा वीडियो देखा सुंदर पिचाई

यूट्यूब पर 1.7 अरब से ज्यादा लोगों ने फीफा विश्व कप से जुड़ा वीडियो देखा सुंदर पिचाई
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बुधवार को कहा कि यूट्यूब पर विश्व कप से जुड़े वीडियो देखने वाले दुनिया भर के यूनिक दर्शकों की संख्या 1.7 अरब से ज्यादा रही और इससे जुड़े कंटेंट के कुल व्यूज 200 अरब से ज्यादा थे।

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बुधवार को कहा कि यूट्यूब पर विश्व कप से जुड़े वीडियो देखने वाले दुनिया भर के यूनिक दर्शकों की संख्या 1.7 अरब से ज्यादा रही और इससे जुड़े कंटेंट के कुल व्यूज 200 अरब से ज्यादा थे।

गूगल के सीईओ ने एक्स पर कहा, "यूट्यूब पर यह हमारा अब तक का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला विश्व कप रहा। इससे जुड़े कंटेंट के कुल व्यूज 200 अरब से ज्यादा रहे।"

पिचाई नेयूट्यूब के सीईओ नील मोहन की पोस्ट को साझा करते हुए दर्शकों की अतिरिक्त संख्या के बारे में भी बताया।

मोहन ने कहा कि प्लेटफॉर्म के पहले 'क्रिएटर कप' को 1 करोड़ (10 मिलियन) से ज्यादा लाइव व्यूज मिले। उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में 25 लाख (2.5 मिलियन) से ज्यादा व्यूज का भी जिक्र किया। मोहन ने कहा कि हमें उन क्रिएटर्स से व्यूज मिले जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार कमेंट्री और नजरिए पेश किए।

पोस्ट में चैंपियन फ्रांस को बधाई देते हुए कहा गया, "शानदार चैंपियनशिप के लिए स्पेन को बधाई। यूट्यूब पर हमारे पार्टनर्स, क्रिएटर्स और टीमों का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने फैन्स के अनुभव को सबसे अलग और यादगार बना दिया।"

यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि टूर्नामेंट में 65 लाख (6.5 मिलियन) से ज्यादा दर्शक शामिल हुए, जो पिछले दो वर्ल्ड कप में शामिल हुए कुल दर्शकों की संख्या से भी ज्यादा है। ट्रंप ने टूर्नामेंट को दुनिया के इतिहास का शायद सबसे सफल स्पोर्ट्स इवेंट बताते हुए कहा कि अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के 16 शहरों में हुए 104 मैचों में 200 देशों के फैंस शामिल हुए।

एक रिपोर्ट के अनुसार, फीफा वर्ल्ड कप की वजह से अमेरिका में कामकाज पर असर पड़ा और देश की उत्पादकता में 11.7 अरब डॉलर तक की कमी आ सकती है, क्योंकि लाखों कर्मचारियों ने मैच देखने के लिए अपने शेड्यूल में बदलाव किया था।

यूकेजी के आंकड़ों के मुताबिक टूर्नामेंट के दौरान ज्यादा लोगों के काम पर न आने, देर से आने और जल्दी चले जाने की वजह से इसका वैश्विक असर लगभग 17 अरब डॉलर का रहा।

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Created On :   22 July 2026 2:57 PM IST

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