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Real Estate: जानिए भू-नक्शे के बारे में सब कुछ, आपके लिए ये क्यों है जरूरी?

Real Estate: जानिए भू-नक्शे के बारे में सब कुछ, आपके लिए ये क्यों है जरूरी?

हाईलाइट

  • भारत में कई राज्यों ने अपने भूमि रिकॉर्ड डिजिटल
  • लोगों के लिए भू नक्शा या क्षेत्र का नक्शा, ऑनलाइन जांचना आसान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कई राज्यों ने अपने भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल कर दिया है और लोगों के लिए भू नक्शा या क्षेत्र का नक्शा, ऑनलाइन जांचना आसान हो गया है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और बिहार जैसे विभिन्न राज्यों में भू नक्शा की जांच कैसे कर सकते हैं। भू नक्शा एक इंडिपेंडेंट प्लेटफॉर्म है। तो, आप इसे डेस्कटॉप या अपने स्मार्टफोन पर उपयोग कर सकते हैं।

राष्ट्रीय भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (एनएलआरएमपी) के दो वैक्टरों को विलय करके, भारत सरकार ने राज्यों में भूमि रिकॉर्ड का प्रबंधन करने के लिए एक नया और कम्प्यूटरीकृत तरीका विकसित किया है। रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण से देश भर में भूमि विवादों को कम करने में मदद मिल रही है। इसके अलावा, इस कम्प्यूटरीकृत प्रणाली की मदद से आवश्यक्ता अनुसार कैडस्ट्राल रिकॉर्ड को एडिट किया जा सकता है। अभी तक, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश, अप-टू-डेट भू नक्शे हैं।

आपको भू नक्शा की जांच क्यों करनी चाहिए?
कई राज्यों में भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल किया गया है और यह महत्वपूर्ण है कि आप निम्नलिखित कारणों से इनकी जांच करें:

वैधता: भू नक्शा से आपको भूखंड की वैधता के बारे में पता चल जाएगा और क्या आप इस पर निर्माण कर सकते हैं? कहीं यह सरकारी भूमि तो नहीं है इस बारे में भी आपको जानकारी मिल जाएगी।

ओनर वेरिफिकेशन: किसी विशेष प्लॉट के असली मालिक या मालिकों की सूची को सत्यापित करने के लिए भू नक्शा वेबसाइट का उपयोग करें। आप यह पहचानने में भी सक्षम होंगे कि कोई व्यक्ति आपको अवैध रूप से भूमि बेचने की कोशिश तो नहीं कर रहा है।

जमीन का साइज: जिस जमीन को खरीदने में आपकी दिलचस्पी है, उसका साइज, सीमा और सीमांकन जानना बहुत जरूरी है। आप इसका पता भु नक्शा सुविधा से लगा सकते हैं।

समय बचाएं: यह देखते हुए कि विभिन्न राज्यों में भू नक्शा सुविधा अब ऑनलाइन है, यह आपका बहुत समय बचाता है। जानकारियों को सत्यापित करने के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालयों में कतार लगाने की आवश्यकता नहीं है।

ट्रूली डिजिटल: 19 राज्यों में भू नक्शा लागू किया गया है, जबकि 22 राज्यों के लिए डेटा कैप्चर कर लिया गया है। ऑनलाइन म्यूटेशन और डिजिटल हस्ताक्षर भू नक्शा को वास्तव में डिजिटल बनाते हैं।

MP भू नक्शा
मध्य प्रदेश में एक भूखंड या लैंड पार्सल के भू नक्शा को देखने के लिए, आपको आधिकारिक MP Bhulekh पोर्टल (यहां क्लिक करें) पर लॉगिन करना होगा।

UP भू नक्शा
राज्य में कहीं भी अपने लैंड पार्सल से संबंधित जानकारी के लिए आपको यूपी भू नक्शा वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा। आप आप उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर भी खसरा, खतौनी, किसी अन्य भूखंड के मालिक के विवरण के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जिसे आप खरीदने की योजना बना रहें हैं।

भू नक्शा महाराष्ट्र
महाभूनक्शा भूमि के नक्शे से संबंधित सभी प्रासंगिक जानकारी होस्ट करता है। (आधिकारिक साइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें)। यह प्लेटफ़ॉर्म-इंडिपेंडेंट है और इसे डेस्कटॉप और मोबाइल के जरिए एक्सेस किया जा सकता है।

राजस्थान भू नक्शा
राजस्थान में अपनी संपत्ति का नक्शा प्राप्त करने के लिए आपको राजस्थान की भू नक्शा वेबसाइट पर जाना होगा (आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें)। यदि आपके पास राजस्थान में एक कृषि भूखंड या कोई भूमि पार्सल है और आप इसके बारे में किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी की तलाश में हैं, तो आप इस साइट पर ऐसा कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ भू नक्शा
नक्शा देखने के लिए आपको CG bhu naksha वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा (यहां क्लिक करें)। हाल ही में, कलेक्टर ने सभी उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों और तहसीलदारों को निर्देश दिया, कि अगले छह महीनों के भीतर नक्शा अपडेशन का काम पूरा करें। यह जमीन पर सभी भूमि-संबंधी परिवर्तनों को ट्रैक करने और सार्वजनिक उपयोग के लिए इसे डिजिटल बनाने के लिए किया गया है।

भू नक्शा बिहार
बिहार भू नक्शा वेबसाइट भूमि मानचित्र से संबंधित सभी सूचनाओं को होस्ट करती है (आधिकारिक साइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें)। केवल नालंदा, मधेपुरा, सुपौल और लखीसराय में भू नक्शा को ऑनलाइन अपडेट किया गया है। शेष क्षेत्रों के लिए, डेटा अभी भी डिजीटल और अप-टू-डेट होने की प्रक्रिया में है।

भु नक्शा झारखंड
झारखंड में किसी भी प्लॉट के नक्शे से संबंधित जानकारी के लिए, आप bhu naksha झारखंड वेबसाइट (यहां क्लिक करें) का उपयोग कर सकते हैं। किसी विशेष टुकड़े का मालिक कौन हैं, उक्त संपत्ति साइज और डायमेंशन और भूमि के नक्शे से आपको यह तय करने में मदद मिलेगी कि आपको उस विशेष भूखंड को खरीदना चाहिए या नहीं। यदि आप एक विक्रेता हैं, तो आप प्लॉट की स्पष्ट तस्वीर डाउनलोड कर खरीदार को दे सकते हैं। ताकि उसे प्लॉट की स्पष्ट तस्वीर मिल सके।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।