दैनिक भास्कर हिंदी: CBSE 10th : परीक्षा में कम टॉपिक से पूछे जाएंगे प्रश्न

June 20th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कारोना संक्रमण से हुए शैक्षणिक सत्र के नुकसान से पार पाने के लिए इस वर्ष सीबीएसई और एनसीईआरटी मंथन कर रहा है। 10वीं बोर्ड परीक्षा में कम टॉपिक्स से सवाल पूछे जाने का विचार किया जा रहा है। कई टॉपिक्स को केवल विद्यार्थियों के ज्ञान और इंटरनल मूल्यांकन के लिए "सेल्फ स्टडी, असाइनमेंट या प्रोजेक्ट' की श्रेणी में डाला जा सकता है। विचार है कि बोर्ड परीक्षा में इन विषयों पर प्रश्न नहीं पूछे जाऐंगे, ये सिर्फ विद्यार्थी अपने ज्ञान के लिए पढ़ेंगे। स्कूलों में इन विषयों पर इंटरनल मूल्यांकन किया जाएगा।हिस्ट्री का दी एज ऑफ इंडस्ट्रियलाइजेशन, मैथ्स का एरिया ऑफ ट्रैंगल एंड फ्रुस्टम ऑफ कोण, साइंस का फिजिकल प्रॉपर्टीज ऑफ मेटल्स एंड नॉन मेटल्स और टिंडल इफेक्ट जैसे अन्य टॉपिक शामिल हैं। 

जल्द ही निर्णय होगा 
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ने कुछ दिनों पूर्व बयान दिया था कि आगामी शैक्षणिक सत्र में कोरोना के कारण जिन जितना समय बर्बाद हुआ है, उससे बचने के लिए पाठ्यक्रम को कम किया जा सकता है। इसके बाद सीबीएसई ने एनसीईआरटी को इस संबंध में विचार करने को कहा था। अध्ययन के बाद एनसीईआरटी ने एक ड्रॉफ्ट तैयार किया है, जिसमें कई टॉपिक्स का बोर्ड परीक्षा में मूल्यांकन नहीं करने का निर्णय लिया गया है। इसी ड्रॉफ्ट में सिलेबस कम करने के फैसले का विरोध किया गया। तर्क दिया गया है कि सिलेबस घटाने के कारण अन्य बैच के विद्यार्थियों की तुलना में कम पाठ्यक्रम पढ़ने वाली बैच पीछे रह जाएगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई मंे भेदभाव होगा। ऐसे में पाठ्यक्रम का पुनर्नियोजन कर इस मसले पर हल निकाला गया है। हालांकि इस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जल्द ही इस दिशा में फैसला संभव है।