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भारतीय कारोबारियों के लिए AI को आसान बना रहा है शिपरॉकेट

New Delhi [India], March 12: भारत में कारोबार करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। मोहल्लों के छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े डिजिटल ब्रांड तक, देशभर के लाखों विक्रेता अब ऑनलाइन कारोबार की ओर बढ़ रहे हैं।
उनके पास आगे बढ़ने की इच्छा और क्षमता तो है, लेकिन उन्नत तकनीक और AI आधारित टूल्स तक पहुंच अभी भी कई लोगों के लिए मुश्किल और महंगी है।
गुरुग्राम स्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Shiprocket इसी दूरी को कम करने की दिशा में काम कर रहा है। वित्त वर्ष 2025 तक कंपनी के साथ करीब 4 लाख व्यापारी जुड़े हुए हैं, जिनमें से लगभग 1.8 लाख व्यापारी सक्रिय रूप से प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। कंपनी अपने तकनीकी उत्पादों के जरिए इन व्यापारियों को ऑनलाइन कारोबार बढ़ाने में मदद दे रही है।
कंपनी का लक्ष्य भारत के अगले 10 लाख ऑनलाइन विक्रेताओं को तकनीक और AI के जरिए मजबूत बनाना है।
इसके लिए Shiprocket अपने प्लेटफॉर्म पर उन्नत AI तकनीक को सीधे व्यापारियों के काम में शामिल कर रहा है, ताकि उन्हें शुरुआत से ही बेहतर तकनीकी मदद मिल सके।
वित्त वर्ष 2025 में Shiprocket ने 1,632 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। कंपनी ने 2,342.3 करोड़ रुपये का IPO लाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड Securities and Exchange Board of India (SEBI) के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) भी दाखिल किया है।
कारोबार के हर चरण में AI का इस्तेमाल
Shiprocket ने अपने प्लेटफॉर्म पर ई-कॉमर्स के लगभग हर चरण—जैसे चेकआउट, ऑर्डर की पूर्ति, शिपिंग, डिलीवरी के बाद की सेवाएं और डेटा विश्लेषण—में AI तकनीक को शामिल किया है। कंपनी के मुताबिक, AI को किसी अतिरिक्त फीचर की तरह नहीं बल्कि एक बुनियादी तकनीक के रूप में तैयार किया गया है, जो बैकग्राउंड में काम करते हुए व्यापारियों की मदद करती है।
AI CORE से आसान होगा काम
Shiprocket का AI CORE (कॉमर्स ऑपरेशंस एंड रिकमेंडेशन इंजन) प्लेटफॉर्म की मुख्य तकनीक है। यह पिन कोड, कूरियर के प्रदर्शन, डिलीवरी पैटर्न और ग्राहकों के व्यवहार से जुड़े बड़े डेटा का विश्लेषण करता है।
इससे व्यापारियों को कई फैसले खुद लेने की जरूरत नहीं पड़ती। कूरियर का चयन, डिलीवरी का रास्ता और कामकाज का बेहतर प्रबंधन AI के जरिए अपने-आप तय हो जाता है।
जोखिम का पहले ही मिल जाता है संकेत
जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता है, वैसे-वैसे जोखिम भी बढ़ते हैं। जैसे डिलीवरी फेल होना, किसी क्षेत्र में समस्या आना या गलत पते के कारण ऑर्डर वापस आना। ऐसे मामलों में Shiprocket Radar AI की मदद से पहले ही संभावित जोखिम का संकेत दे देता है, जिससे व्यापारी समय रहते कदम उठा सकते हैं।
वहीं Shiprocket Sense प्लेटफॉर्म व्यापारियों को उनके कारोबार से जुड़े अहम आंकड़ों की जानकारी देता है, जैसे डिलीवरी का प्रदर्शन, रिटर्न-टू-ओरिजिन (RTO) ट्रेंड, ग्राहकों का व्यवहार और कैश फ्लो।
ग्राहकों से बेहतर संवाद
डिलीवरी के बाद भी कारोबार खत्म नहीं होता। ग्राहकों से अच्छा संवाद बनाए रखना भी जरूरी होता है। इसके लिए Shiprocket Engage प्लेटफॉर्म व्यापारियों को खासतौर पर WhatsApp के जरिए ग्राहकों से सीधे बात करने की सुविधा देता है।
इससे ऑर्डर की पुष्टि, पते की जांच, ग्राहक सेवा और खरीद के बाद सहायता देना आसान हो जाता है।
आसान चेकआउट से बढ़ेगी बिक्री
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान कई बार ग्राहक चेकआउट प्रक्रिया जटिल होने की वजह से बीच में ही खरीदारी छोड़ देते हैं। Shiprocket Checkout इसी समस्या को हल करने के लिए बनाया गया है। यह भारत में मोबाइल और OTP आधारित खरीदारी के व्यवहार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे खरीदारी प्रक्रिया तेज और आसान बनती है।
एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सुविधाएं
Shiprocket के प्लेटफॉर्म पर AI CORE, Radar, Checkout, Engage, Sense, Co-pilot और Trends AI जैसे कई टूल एक साथ काम करते हैं। इससे व्यापारियों को अलग-अलग टूल्स या कंपनियों की सेवाएं लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
कारोबार की अगली पीढ़ी को बढ़ावा
कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में AI भारतीय व्यापारियों के काम करने के तरीके को बदल देगा। इससे कारोबार चलाने से जुड़ी कई मुश्किलें कम होंगी और व्यापारी अपने उत्पाद, ग्राहक अनुभव और ब्रांड को मजबूत बनाने पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।
Shiprocket का उद्देश्य है कि AI तकनीक को हर व्यापारी के लिए आसान और सुलभ बनाकर भारत के लाखों नए विक्रेताओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ने का मौका दिया जाए
Created On :   12 March 2026 4:21 PM IST












