मनोरंजन: 'मुसाफिर कैफे' के साथ रोमांस की वापसी, विक्रांत मेसी बोले- प्यार हमारे साहित्य और संस्कृति की आत्मा है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आजकल नहीं बनती रोमांटिक फिल्में , सिनेमा को रोमांस की कुछ कलाकार अपनी अदाकारी से नहीं, बल्कि अपनी सादगी और सोच से भी दर्शकों के दिलों में जगह बना लेते हैं। विक्रांत मेसी उन्हीं चुनिंदा अभिनेताओं में से एक हैं। हर किरदार में आम इंसान की सच्चाई और भावनाओं को जीवंत कर देने वाले विक्रांत अब बड़े दिनों बाद नेटफ्लिक्स की नई वेब सीरीज ‘मुसाफिर कैफे' से नए रोमांटिक अंदाज में नजर आने वाले हैं। उनकी यह वेब सीरीज 24 जुलाई को प्रसारित होगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में खुद विक्रांत ने माना कि कई वह कई सालों से बेहद गंभीर किरदार निभा कर थक गए थे और उन्हें भी इस बदलाव की जरुरत थी। इस खास मुलाकात में विक्रांत मेसी , नेटफ्लिक्स सीरीज की हेड तान्या बामी, मुसाफिर कैफे की क्रिएटर शरण्या ने अपनी नई भूमिका, रोमांटिक फिल्मों के गायब होते सिनेमा, अपने पहले प्यार और सपनों के उस सफर पर खुलकर बात की, जो आज भी उन्हें एक मुसाफिर की तरह आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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सवाल - विक्रांत बड़े दिनों बाद इस रोल में कैसा लग रहा है ?
विक्रांत मेसी - मैं खुद थक गया था इंटेंस रोल निभाकर। मुझे भी अब कुछ नया करना था। ऐसा नहीं है कि मैंने पहले रोमांटिक प्रोजेक्ट नहीं किये हैं इससे पहले मेरी रोमांटिक सीरीज ब्रोकन बट ब्यूटीफुल आयी थी जिसे काफी पसंद किया गया था। हसीन दिलरुबा भी थ्रिलर लव स्टोरी है। मैं इससे पहले सेक्टर 36 में हिंसक अंदाज में दिखा था। शुक्र है (हंसते हुए) मुसाफिर कैफे में कोई किसी को मार नहीं रहा है। यह एक प्यारी सी लव स्टोरी है जिसमे हर किसी को अपना पुराना नजर जरूर आएगा। आप भी रोमांस की पुरानी यादों में खो जायेंगे।
सवाल - क्या आपको लगता है रोमांटिक कंटेंट आजकल कम बन रहे हैं ?
तान्या बामी - बिलकुल कम बन रहे है। खुद नेटफ्लिक्स को भी यही लग रहा है कि सिनेमा के साथ अब ओटीटी पर भी भारतीय रोमांटिक कंटेंट कम हैं जबकि रोमांटिक कोरियन ड्रामा खूब देखे जाते हैं। मारधाड़ वाली एक्शन थ्रिलर फिल्में ज्यादा बन रही हैं। मैं खुद कई दिनों से सोच रही थी कि दर्शकों को अब रोमांस और प्यार की झलक दिखानी चाहिए। मुसाफिर कैफे बिलकुल वही लव स्टोरी है। जो सबको पसंद आएगी। बड़े दिनों बाद कुछ अलग कहानी आप देखेंगे।
विक्रांत मेसी -आजकल आपको हर जगह एक्शन, थ्रिलर, मारधाड़ जैसी कहानियां और सीरीज ही ज्यादा देखने को मिलेंगी। मैं समझता हूं कि बिजनेस और मुनाफा कमाना भी जरुरी है लेकिन मैं इसे भेड़चाल ही मानूंगा क्योंकि हमारे लिटरेचर , साहित्य और संस्कृति में हमेशा से प्रेम के लिए खास जगह रही है। यह क ऐसा जॉनर है जिसे अगर अच्छे तरीके से लिखा जाए तो लोग जरूर पसंद करेंगे। लेकिन पिछले 5 -7 सालों से मैं देख रहा हूं कि कोई नहीं बना रहा है रोमांटिक फिल्म। इसलिए जब यह कहानी मेरे पास आयी तो लगा मैं भी ऐसी ही कहानी की तलाश में था। एक ग्राउंडेड, बिलकुल प्यारी सी एक लव स्टोरी जिसे पढ़ते ही मैंने तुरंत हां कह दी।
सवाल - आप सबको पहला प्यार कब हुआ था ?
विक्रांत मेसी-मुसाफिर कैफे की शूटिंग हमने अधिकतर पहाड़ी इलाकों में की। यह वो लव स्टोरी है जिसे हर कोई देखना चाहेगा। सबको अपना पहला प्यार याद आएगा। मैं इसमें चंदर के किरदार में हूं। इस किरदार को निभाते वक्त मुझे भी अपने बचपन का पहला प्यार याद आया। मुझे पहली बार प्यार हुआ था जब मैं 16 साल का था। मैं यह कहते हुए बिलकुल संकोच नहीं करता कि मैं अपनी जिंदगी में चंदर , प्रीति और सुधा तीनों रहा हूं। प्यार में मेरा दिल भी टूटा है। भले मुसाफिर कैफे दिव्या प्रकाश दुबे की किताब से प्रेरित है लेकिन यह फिल्मी नहीं बल्कि असल जिंदगी के प्यार की दास्तान है, हमारी निजी जिंदगी में हम रोजाना जिस तरह का प्यार देखते हैं यह वो लव स्टोरी है।
शरण्या -पहला प्यार तो काफी कम उम्र में हुआ था लेकिन यह कहना चाहूंगी कि सच्चा प्यार अब मिला है। हम सबकी जिंदगी में प्यार बहुत मायने रखता है। मेरे लिए प्यार वो है जब आपको सामने वाला समझे। आपका दोस्त बनें।
तान्या बामी-प्यार के कई किस्से तो मेरी जिंदगी का भी हिस्सा रहे हैं। लेकिन मेरे लिए प्यार बारिश, पहाड़ हसीन वादियों जितना ही खूबसूरत एहसास है। इस सीरीज में वो सब कुछ है इसलिए यह मेरे दिल के भी करीब है। हमने पहाड़ी इलाकों में मुसाफिर कैफे की शूटिंग की है।
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सवाल - आज जेनजी की नजर से प्यार के क्या मायने हैं ?
विक्रांत-प्रेम हर व्यक्ति के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है। आज हम रोमांटिक फिल्में कम बना रहे हैं। लेकिन आज के जेनजी को भी तो रोमांटिक फिल्में चाहियें ना तो आप देखिए वह कोरियन ड्रामा की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। कोरियन फिल्में आज के युवाओं में ज्यादा पॉपुलर हैं क्योंकि रोमांटिक फिल्में होती हैं। लोगों को लगता है कि जेनजी प्यार को उतनी गंभीरता से नहीं लेते बल्कि मुझे लगता है वह इसके प्रति काफी गंभीर हैं उन्हें भी ओल्ड स्कूल वाला प्यार ही चाहिए।
तान्या बामी-देखिए , आज की जनरेशन भले आपको गंभीर ना लगती हो लेकिन बहुत स्मार्ट है। उन्हें अपने भविष्य और वर्तमान को लेकर हमसे ज्यादा पता है। आप यकीन नहीं करेंगी आज के बच्चे कम उम्र में ही शादी कर सेटल भी हो रहे हैं। उन्हें अगर उनका जीवन साथी मिल गया तो वह करियर के साथ शादी कर अपना घर भी बसा लेते हैं ज्यादा सोचते नहीं। जबकि हम मिलेनियल्स सारी जिंदगी सोचते ही रह गए।
सवाल -प्यार का इजहार किस करते हैं ?
विक्रांत-एक दोस्त के जरिए मेरी और शीतल की पहली मुलाकात हुई थी। हम इसे लव एट थर्ड साइट कहते हैं। तीसरी मुलाकात में ही हमें समझ आ गया था कि हम एक दूसरे के लिए ही बने हैं। धीरे धीरे अब 12 साल हो गए। हमारा एक प्यारा सा बेटा भी है। प्यार यही है। रोमांस आज भी मेरे लिए ओल्ड स्कूल है। प्यार आपको संभाल कर रखना पड़ता है। मैं तो सीधे-सीधे प्यार का इजहार कर देता हूं। शीतल को मुझसे यह शिकायत रहती है कि मैं थोड़ा ड्रामा क्यों नहीं करता लेकिन मैं ऐसा ही हूं।
तान्या बामी- मेरे लिए प्यार का इजहार भी प्यार और पेम्परिंग की तरह होना चाहिए। प्रेम की खूबसूरती यही होती है कि आपका जीवन संवारने की ताकत रखता है। इसलिए इजहार भी उतना ही शानदार होना चाहिए। इस मामले में मैं एक ओल्ड स्कूल के विचार ही रखती हूं लेकिन मुझे जब सामने से प्यार और सम्मान दोनों मिलता है तो वह मेरे लिए कम्प्लीट इश्क है।ॉ
Created On :   22 July 2026 11:38 PM IST












