विधानसभा: साल 2011 से पहले सरकारी जमीनों पर बसे लोगों को मिलेगा घर, तीन सदस्यीय कमेटी गठित - बावनकुले

साल 2011 से पहले सरकारी जमीनों पर बसे लोगों को मिलेगा घर, तीन सदस्यीय कमेटी गठित - बावनकुले
  • कमेटी तीन महीने में पूरा करेगी सर्वे
  • तीन महीने में बनेगा पुनर्वसन का मास्टर प्लान

Mumbai News. राज्य सरकार ने राज्य भर में 1 जनवरी 2011 से पहले सरकारी, वन तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न प्राधिकरणों की जमीनों पर बनी सभी पात्र झुग्गियों को संरक्षण (घर) देने का बड़ा फैसला किया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि इन सभी पात्र परिवारों का एसआरए (स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी), म्हाडा और अन्य आवास योजनाओं के माध्यम से पुनर्वसन किया जाएगा। इसके लिए राज्यभर में अगले तीन महीनों के भीतर विस्तृत सर्वेक्षण पूरा किया जाएगा। बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी के बाद इस नीति को कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है और अब पूरे राज्य में इसे युद्धस्तर पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उच्चस्तरीय समिति करेगी निगरानी

राजस्व मंत्री ने बताया कि मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और कोंकण क्षेत्र में मैंग्रोव, वन, राजस्व तथा सिडको की जमीनों पर बड़ी संख्या में लोगों ने घर बनाए हैं। इनमें से कई स्थान पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील हैं या वन विभाग के नियमों के कारण वहां नियमितीकरण संभव नहीं है। ऐसे मामलों के समाधान के लिए कोंकण मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें मुंबई शहर और मुंबई उपनगर के दोनों जिलाधिकारियों को भी शामिल किया गया है। समिति ने सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है।

तीन महीने में बनेगा पुनर्वसन का मास्टर प्लान

सरकार ने स्पष्ट किया कि अगले तीन महीनों में सभी पात्र निवासियों का बायोमेट्रिक और भौतिक सर्वे पूरा किया जाएगा। जिन स्थानों पर पर्यावरणीय या तकनीकी कारणों से झुग्गियों का नियमितीकरण संभव नहीं होगा, वहां रहने वाले लोगों को एसआरए, म्हाडा या सिडको की आवासीय परियोजनाओं में किस प्रकार पुनर्वसित किया जाएगा, इसका विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। बावनकुले ने दोहराया कि 1 जनवरी 2011 से पहले के किसी भी पात्र निवासी को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। सरकार उनके आवास के अधिकार की रक्षा करने और उचित पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विधानसभा अध्यक्ष ने दिया सुझाव

इस पहले विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि समुद्र किनारे, मैंग्रोव, वन या अन्य सरकारी जमीनों पर वर्षों से रहने वाले लोगों के पुनर्वास को लेकर सरकार के पास स्पष्ट नीति होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल अतिक्रमण हटाना समाधान नहीं है, बल्कि वहां रहने वाले पात्र लोगों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

Created On :   9 July 2026 9:27 PM IST

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