विधानसभा: बावनकुले ने कहा- नाशिक कुंभ मेले के लिए रिंग रोड प्रोजेक्ट की अलाइनमेंट बदलने की तीन दिनों के भीतर जांच

बावनकुले ने कहा- नाशिक कुंभ मेले के लिए रिंग रोड प्रोजेक्ट की अलाइनमेंट बदलने की तीन दिनों के भीतर जांच
  • किसानों की जमीन का जबरन अधिग्रहण नहीं होगा
  • जिलाधिकारी पर लगे आरोपों की भी होगी जांच

Mumbai News. नाशिक में कुंभ मेले की तैयारियों के तहत बनाए जा रहे रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर विधानसभा में गुरुवार को जोरदार चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए किसानों की जमीन जबरन अधिग्रहित की जा रही है, रिंग रोड का अलाइनमेंट कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बदला गया है और भूमि माप के दौरान किसानों तथा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की कि पूरे मामले की जांच मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। समिति यह जांच करेगी कि क्या रिंग रोड का अलाइनमेंट जानबूझकर बदला गया, क्या कुंभ मेले की परियोजना की जानकारी पहले से लीक हुई थी और क्या किसी ने इसका लाभ उठाकर जमीन खरीदी। सरकार ने इस जांच की रिपोर्ट 3 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।

बावनकुले ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के दौरान किसी भी किसान पर दबाव नहीं डाला जाएगा और सभी प्रभावित किसानों को कानून के अनुसार उचित एवं संतोषजनक मुआवजा दिया जाएगा। बावनकुले ने बताया कि यह भी जांच की जाएगी कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रस्तावित रिंग रोड क्षेत्र में किन-किन लोगों ने जमीन खरीदी और क्या यह खरीद परियोजना की जानकारी पहले से होने के कारण या किसी विशेष उद्देश्य से की गई थी। यदि जांच में अलाइनमेंट जानबूझकर बदले जाने की बात सामने आती है, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। मामले की जांच राज्य के मुख्य सचिव के माध्यम से कराई जाएगी।

जिलाधिकारी पर लगे आरोपों की भी होगी जांच

राजस्व मंत्री ने नाशिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद पर जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी मुख्य सचिव के माध्यम से जांच कराने की घोषणा की। बावनकुले ने कहा कि कुंभ मेले के लिए नाशिक रिंग रोड परियोजना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन सरकार किसानों का विश्वास जीतकर ही आगे बढ़ेगी। किसानों से दोबारा चर्चा की जाएगी और भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत उचित मुआवजा दिया जाएगा। यदि अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होगी तो उस पर भी सकारात्मक विचार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान से जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।

Created On :   9 July 2026 9:34 PM IST

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