विधानसभा: फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला लेने वाले 32 छात्रों का प्रवेश रद्द, रैकेट से जुड़े 11 पर एफआईआर, दो सहायक प्रोफेसर भी आरोपी

फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला लेने वाले 32 छात्रों का प्रवेश रद्द, रैकेट से जुड़े 11 पर एफआईआर, दो सहायक प्रोफेसर भी आरोपी
  • फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए लिया था एसटी आरक्षण का लाभ
  • दो सहायक प्रोफेसरों सहित 11 लोगों पर केस

Mumbai News. राज्य में अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जी जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने वाले 32 छात्रों के पेशेवर पाठ्यक्रमों में लिए गए प्रवेश रद्द कर दिए हैं। इस मामले में दो सहायक प्राध्यापकों सहित 11 छात्रों के खिलाफ नागपुर (ग्रामीण) के पाचगांव पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके ने बुधवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। प्रश्न में नागपुर में फर्जी अनुसूचित जनजाति जाति वैधता प्रमाणपत्र के आधार पर छात्रों के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने का मामला उठाया गया था।

फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए लिया था एसटी आरक्षण का लाभ

आदिवासी विकास मंत्री ने बताया कि जांच में सामने आया कि 32 छात्रों ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के फर्जी जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्राप्त किया था। मामले की पुष्टि होने के बाद संबंधित सभी छात्रों के पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश निरस्त कर दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े से वास्तविक अनुसूचित जनजाति के पात्र छात्रों के अधिकार प्रभावित होते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

दो सहायक प्रोफेसरों सहित 11 लोगों पर केस

जांच के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे एक संगठित रैकेट के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। इस मामले में दो सहायक प्राध्यापकों सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ नागपुर (ग्रामीण) के पाचगांव पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

Created On :   9 July 2026 10:06 PM IST

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